
कोरोना का संकट मिटे तो टॉय ट्रेन की सिटी बजे,कोरोना का संकट मिटे तो टॉय ट्रेन की सिटी बजे,कोरोना का संकट मिटे तो टॉय ट्रेन की सिटी बजे,कोरोना का संकट मिटे तो टॉय ट्रेन की सिटी बजे,कोरोना का संकट मिटे तो टॉय ट्रेन की सिटी बजे
ब्यावर. कोरोना वैश्विक महामारी के चलते अब जीने के सलीके में बदलाव आया है। हर व्यक्ति का प्रयास है कि सामाजिक दूरी सहित गाइड लाइन की पालना की जाए। ताकि कोरोना से सब बच सके। यहीं कारण है कि लॉक डाउन के साथ ही सुभाष उद्यान में चलने वाली टॉय ट्रेन भी ताले में बंद है तो झूले भी सूने पड़े है। सुभाष उद्यान में आम दिनों में लोगों की दिनभर आवाजाही रहती है। बच्चे टॉय ट्रेन में मौजी खात है तो झूलों का भी आनन्द लेते नजर आते थे। वरिष्ठ नागरिक में आपस में सुख दु:ख की बाते करते नजर आते थे। वैश्विक महामारी के चलते अब सुभाष उद्यान का स्वरूप बदला-बदला नजर आ रहा है। इधर से कोई गुजरता भी है तो गाइड लाइन का पूरा ध्यान रखा जाता है।
पटरियों पर उगने लगी घास..
लम्बे समय से टॉय ट्रेन नहीं चलने से अब पटरियों पर घास उगने लगी है। पटरियां घास में ओझल होती नजर आ रही है। बरसात का दौर चलने से बगीचा हरियाली से अटा है। अब यहां पर आने वालों की संख्या कम ही है। सावन माह में बगीचे में खासी रौनक दिखाई देती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह यह पहला सावन गुजरा। इसमें बगीचे में इनता सूनपन नजर आया।
शहर के एकमात्र है बगीचा...
सुभाष उद्यान शहर का एकमात्र बगीचा है। अधिकाशं शहरवासी बच्चों को घुमाने के लिए यहीं पर लाते है। अब कोरोना महामारी के संक्रमितों का लगातार आंकडा सामने आ रहा है। प्रशासन की ओर से भी विशेष गाइड लाइन जारी की गई है। ताकि संक्रमण को बढऩे से रोका जा सके। इसी की पालना करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रुप से लोग जाने से बच रहे है।
Published on:
10 Aug 2020 11:21 pm
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