
हादसों की डगर पर कई परिवारों के चिराग बुझे
ब्यावर. ब्यावर से गोमती तक हर दिन हादसे हो रहे है। पिछले दो सालों में कई परिवारों के चिराग बुझ चुके है। ब्यावर गोमती का अटका काम अब तक शुरु नहीं हो सका है। इस काम को लेकर राजनैतिक गलियारों में भी क्रेडिट लेने को लेकर कोई कसर नहीं छोडी गई। पिछले स्वीकृति के बावजूद पिछले एक साल से यह काम शुरु नहीं हो सका है। इस काम को शुरु करवाने को लेकर कोई रुचि नहीं दिखा रहे है। जबकि हर दिन हादसे हो रहे है। ब्यावर-गोमती राजमार्ग में आने वाले ब्यावर सदर, जवाजा, भीम, देवगढ़, दिवेर थाना क्षेत्र के हल्के आते है। इन क्षेत्रों में कई हादसे हो चुके है। इनमें एक ही परिवार के कई लोगों की जाने गई। इसके बावजूद राजमार्ग पर हो रहे हादसों को कम करने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे है। इन हादसों पर अंकुश लगाने के लिए कई संगठनों ने भी आवाज उठाई। इसके बावजूद प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। प्रशासन की अनदेखी के चलते अब तक राजमार्ग की जद में आने वाले सम्पतियों की मुआवजा राशि का वितरण भी पूरा नहीं हो सका है। सिक्सलेन व फोरलेन के बीच एक किलोमीटर हादसे की डगरसिक्सलेन व फोरलेन के बीच करीब एक किलोमीटर पेड शोल्डर सुनने में भले ही अटपटा लगा लेकिन यह सच्चाई है। किशनगढ़-ब्यावर सिक्सलेन एवं ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन के बीच में करीब एक किलोमीटर सड़क अब भी पेशशोल्डर ही है। यहां पर दो राष्ट्रीय राजमार्ग का जुड़ाव होने से यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। इसके अलावा इसके आस-पास घनी आबादी क्षेत्र है। यहां पर कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद टोल वसूलने वाली कम्पनियां इसकी सुध ले रही है एवं न ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ही इस ओर ध्यान दे रहा है। हालात यह है कि यहां पर हर दिन कोई न कोई छोटा-मोटा हादसा होता रहता है। प्रशासन भी यह सब जानकर अनजान बना बैठा है। ब्यावर-किशनगढ़ सिक्सलेन एवं ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन से आने वाले वाहनों की गति अधिक होती है। इन दोनों ही ओर से आने वाले वाहन चालकों को यह पता भी नहीं होता है कि सिक्सलेन व फोरलेन के बीच कुछ हिस्सा अब भी पेड शोल्डर है। इसके अलावा आबादी एरिया होने से ठेले वाले खड़े होते है। उदयपुर रोड बाइपास की पुलिया से उतरते ही मार्ग एकदम सकड़ा हो जाता है। यहां पर एक ट्रांसफार्मर व विद्युत पोल लगा होने से भी सड़क को चौड़ी नहीं की जा सकती है। इसलिए फंसी है फांसब्यावर-किशनगढ़ सिक्सलेन उदयपुर रोड बाइपास पर समाप्त हो जाता है। इसके बाद ब्यावर-गोमती राजमार्ग शुरु हो जाता है। यहां से गोमती तक फोरलेन का काम स्वीकृत हो चुका है। यह काम 721.62 करोड की लागत से किया जाना है। इस कार्य को 18 मई 2020 को स्थायी वित समिति मंत्रालय दिल्ली की ओर से स्वीकृत किया गया। यह काम अब तक शुरु नहीं हो सका है। ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन का निर्माण हुआ तो उदयपुर रोड बाइपास से जोधपुर की ओर जाने वाले मार्ग को आबादी एरिया देखते हुए केसरपुरा के पास नया बाइपास का निर्माण हो गया। केसरपुरा से जोधपुर की ओर फोरलेन निकल गई। ऐसे में ब्यावर-किशनगढ़ सिक्सलेन व ब्यावर पिंडवाड़ा फोरलेन के बीच एक किलोमीटर की सड़क अब भी पेड शोल्डर ही है। ब्यावर-गोमती फोरलेन का काम अब तक शुरु नहीं हो सका। पूर्व में जो अठारह प्रतिशत काम हुआ। वों भी अनुपयोगी पड़ा है।एक रात में तीन हादसेराजमार्ग पर महज दस किलोमीटर के दायरे में एक रात में तीन हादसे हो गए। दो हादसों में तो किसी को कोई नुकसान नहीं हुुआ। जबकि जवाजा थाना क्षेत्र के नरबदखेड़ा के पास ट्रेलर व कंटेनर के बीच हुई टक्कर में दो जने जिंदा जल गए। इस हादसे के कारण राजमार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। बुधवार रात व गुरुवार को हुए हादसों पर एक नजर।केस संख्या : एकब्यावर-किशनगढ़ सिक्सलेन पर आरटीओ कार्यालय के पास एक ट्रेलर गुरुवार को अचानक असंतुलित होकर लहराने लगा। इस दौरान ट्रेलर लहराते हुए डिवाइडर पर चढ़ गया। इसके बाद वापस सड़क पर आकर एल आकर में राजमार्ग पर पसर गया। इससे वहां पर बड़ा हादसा होते-होते बचा। मामले की जानकारी मिलने पर सिक्सलेन एजेंसी के कर्मचारी पहुंची एवं ट्रेलर को हटाने का प्रयास शुरु किया। इस दौरान राजमार्ग पर अजमेर की ओर लम्बी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक ट्रेलर को हटाए जाने के दौरान तक यातायात प्रभावित रहा। केस संख्या : दोसेदरिया रोड बाइपास एवं उदयपुर रोड बाइपास के मध्य एक कंटेनर बुधवार रात्रि को असंतुलित होकर राजमार्ग से नीचे उतरकर पलट गया। इससे कंटेनर खाई में फंस गया। इसमें चालक व खलासी बाल-बाल बचे। इसी प्रकार राजमार्ग के किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने पर वाहन कई बार क्षतिग्रस्त हो जाते है। जबकि यह टोल मार्ग होने से देखरेख की जानी चाहिए। इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केस संख्या : तीनसेदरिया रोड बाइपास पर बिजयनगर रोड की ओर से आने वाले भारी वाहनों को सर्विस लाइन में जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाइपास पर ही सर्विस लाइन के छोर पर बना नाला क्षतिग्रस्त हो रखा है। इससे हादसा होने की आशंका बनी रहती है। गुरुवार को बिजयनगर मार्ग की ओर से आ रहा एक ट्रेलर इस नाले पर लगे ब्लॉक के क्षतिग्रस्त होने के कारण सर्विस लाइन की ओर घूम नहीं सका। चालक को ट्रेलर को वापस रिवर्स लेना पड़ा। इसके बाद उसे वापस पीछे आकर गलत दिशा में ट्रेलर ले जाकर उसे घुमाना पड़ा। इस दौरान करीब बीस मिनट तक यातायात बाधित रहा।केस संख्या : चारब्यावर-किशनगढ़ सिक्सलेन पर सेदरिया स्थित स्टेडियम के पास ही नाले के पास सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। इसकी लम्बे समय से मरम्मत नहीं करवाई गई है। इस कारण एकाएक तेज गति से आने वाले वाहन इस क्षतिग्रस्त सड़क के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो सकते है। सके बावजूद इस ओर रखरखाव का कार्य नहीं किया जा रहा है। इससे आए दिन हादसे होने की आशंका बनी रहती है। केस संख्या : पांचउदयपुर रोड बाइपास जोधपुर, बिजयनगर-भीलवाड़ा एवं उदयपुर की ओर से आने वाले वाहनों का शहर में प्रवेशद्वार है। इस पुलिया के आस-पास अतिक्रमण हो रखा है। ओवरब्रिज के नीचे जहां से वाहन निकलते है। इसके आस-पास ही अस्थाई अतिक्रमण हो रखा है। कुछ लोगों ने मनमर्जी से अतिक्रमण कर अपनी रेहड़ी लगा दी है। जबकि यहां पर पूर्व में एक असंतुलित कार ने कई ठेला संचालकों को टक्कर मार दी। इसके बावजूद प्रशासन ने सबक नहीं लिया। यहां पर अस्थाई अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। शहर का प्रवेशद्वार होने से दिन भर यातायात का खासा दबाव रहता है। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
Published on:
15 Feb 2021 08:32 pm
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