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शपथ पत्र के आधार पर प्रमाण-पत्र देने का विरोध

राजस्थान चीता मेहरात हिन्दू मगरा मेरवाड़ा महासभा ने राज्य सरकार के आदेशों पर जताया आक्रोश

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शपथ पत्र के आधार पर प्रमाण-पत्र देने का विरोध

शपथ पत्र के आधार पर प्रमाण-पत्र देने का विरोध

ब्यावर. राजस्थान चीता मेहरात हिन्दू मगरा मेरवाड़ा महासभा ने व्यक्तिगत शपथ पत्र के आधार पर अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने पर विरोध दर्ज कराया है। व्यक्तिगत शपथ पत्र पर अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगाने की मांग की है। राजस्थान चीता मेहरात हिन्दू मगरा मेरवाड़ा महासभा की ओर से टॉडगढ़ रोड स्थित आशापुरा माता मंदिर में बैठक का आयोजन किया गया। महासभा अध्यक्ष छोटूसिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार के उक्त आदेश को लेकर ब्यावर उपखंड सहित मगरा मेरवाड़ा क्षेत्र के सभी उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन देकर आंदोलन की शुरूआत कर दी है। उन्होंने कहा कि चीता, मेहरात तथा काठात समाज राजस्थान के चार प्रशासनिक जिलों अजमेर, पाली, राजसमन्द तथा भीलवाड़ा में बहुलता से निवास करती है। सभी लोग सम्राट पृथ्वीराज चौहान की वंश परम्परा से जुड़े सनातन हिन्दू धर्म को मानने वाले है। इस तथ्य की पुष्टि हमारा जातिय इतिहास एवं राव जागाओं की बहियों से भी सुस्पष्ट होता है। इन एतिहासिक तथ्यों के अतिरिक्त भारत सरकार की ओर से प्रकाशित राजपत्र, जो वर्ष 1955 में जारी सार्वजनिक किया गया था। में हमारी चीता-मेहरात जाति को राजस्थान की जातिय सूची मे क्रमांक 10 चीता और क्रमांक 39 पर मेहरात को हिन्दू जाति के रूप में अंकित किया गया था। लेकिन राज्य सरकार के अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग ने 16 दिसबंर 2019 को एक आदेश जारी कर अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए व्यक्तिगत शपथ-पत्र को आधार मानने के निर्देश दिए थे। उक्त निर्देशों में व्यक्तिगत शपथ-पत्र के आधार पर सक्षम अधिकारी को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने की शक्ति प्रदान की थी। महासभा पदाधिकारियों ने बताया कि यदि अल्पसंख्खयक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए व्यक्तिगत शपथ पत्र ही मापदंड होगा तो राज्य में धर्मान्तरण को बढ़ावा मिलेगा। महासभा पदाधिकारियों ने व्यक्तिगत शपथ पत्र के आधार पर दिए जाने वाले अल्पसंख्खयक प्रमाण पत्रों को तत्काल रुकवाकर 14 अगस्त 2017 के दिशा-निर्देशों की पालना करवाने तथा सक्षम अधिकारी की ओर से सन 1957 में आवेदक के पैतृक व स्वयं के राजस्व रिकॉर्ड की सजरा व गवाई दस्तुर दस्तावेज आदि उसके अल्पसंख्यक जाति व समुदाय का परीक्षण करवाकर ही अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है। इस दौरान महासभा प्रदेशाध्यक्ष छोटूसिंह कानाखेडा, संरक्षक उमरावसिंह चीता, प्रफुल्ल कुमार चौहान, रतना चीता, उपाध्यक्ष रसालसिंह कोलपुरा, रामसिंह खरवा, बीरमसिंह, सुरजप्रतापसिंह राजियावास तथा केसरसिंह कुण्डिया सहित महासभा के अनके सदस्य उपस्थित थे।