
हाथों पर जख्म की पीर के बाद भी मजबूत रहा जज्बा
ब्यावर. सब बस से उतर जाओ, मैं ठीक हूं, इलाज करवा दिया है। कोई चिंता की बात नहीं है, थानेदारजी एवं स्टाफ साथ है। आप परेशान मत हो। मैं खुद ही घर आ जाऊंगा। अमृतकौर चिकित्सालय के ट्रोमा वार्ड में उपचार के बाद घायल कांस्टेबल भजेराम के घर से फोन आया तो साथी कांस्टेबल रामसहाय ने फोन पर बात करवाई। परिवारजन ने बातचीत में कहा कि वो घर से रवाना हो गए हैं एवं बस में बैठकर आ रहे हैं। इस पर घायल सिपाही बोले कि तुम सब बस से उतर जाओ, मैं ठीक हूं, थोडी बहुत लगी है। जिसका उपचार करवा दिया है। घायल कांस्टेबल के दोनों हाथों में घाव होने से खासा दर्द था। इसे उन्होंने खुद पर हावी नहीं होने दिया। वो उपचार करवाने के दौरान भी आत्म विश्वास से लबरेज नजर आए। ट्रोमा वार्ड में चिकित्सकों की टीम ने उनका उपचार किया। उपचार होने के बाद उनके ब्लड की एक यूनिट लगाई गई। इस दौरान ही उनके फोन पर बेटे का फोन आया। साथी कांस्टेबल ने घायल भजेराम की फोन पर बात कराई। यह सुनकर वहां खडे जवानों की आंखें भी गर्व से कुछ देर उन पर टिकी रहीं। गौरतलब है कि राजसमंद जिले के भीम कस्बे में सोमवार को बंद के दौरान बदनोर चौराहा पर डयूटी कर रहे कांस्टेबल पर एक युवक ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इससे जख्मी हुए कांस्टेबल को भीम चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद ब्यावर लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार एवं ब्लड चढ़ाने के बाद उसे अजमेर रेफर कर दिया। वहीं घटना के दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने आरोपी युवक का पीछा कर उसे दबोच लिया। हमले का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। भीम में इससे पहले भी गत दिनों एक कांस्टेबल पर तलवार से हमला हो चुका है।
Published on:
07 Jul 2022 08:59 pm
बड़ी खबरें
View Allब्यावर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
