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‘प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति देती है छात्रों को करके सीखने पर जोर’

प्रांत स्तरीय विज्ञान मेला शुरू

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‘प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति देती है छात्रों को करके सीखने पर जोर’

‘प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति देती है छात्रों को करके सीखने पर जोर’

ब्यावर. आदर्श विद्या मंदिर उच्च. माध्यमिक विद्यालय में प्रांत स्तरीय विज्ञान मेले का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि लालचंद हेड़ा थे। अध्यक्षता रमेश आचार्य ने की। विशेष अतिथि रमेश भराडिया, लोकेश भट्ट, संजय शर्मा थे। इसमेंअलग-अलग स्थानों से आए बच्चों ने विविध प्रकार के मॉडल प्रस्तुत किए। इसमें सामान्य रूप से काम आने वाले उपकरण सहित विकास व भविष्य की आवश्यकता वाले मॉडल शामिल रहे।

उद्घाटन सत्र में प्रधानाचार्य नवीनकुमार सैनी, सचिव गोविंद सेन, जिला उपाध्यक्ष मनोज टेलर ने अतिथियों का श्रीफल देकर सत्कार किया। मुख्य अतिथि लालचंद हेड़ा ने कहा कि भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता संसार में सर्वत्र मान्य है। प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति करके सीखने पर जोर देती थी। विज्ञान मेला बालकों में वैज्ञानिक सोच के साथ करके सीखने की क्षमता में अभिवृद्धि करता है।

‘स्मार्ट सिटी का सपना हो पूरा’

स्मार्ट सिटी का सपना साकार होना चाहिए। स्मार्ट सिटी स्वच्छ शहर होने के साथ शिक्षा, चिकित्सा सहित अन्य आमजन की आवश्यकता की सामग्री से आसानी से मिले। इस सपने को साकार किया जाना चाहिए।

-गुंजन, शाहपुरा, भीलवाड़ा

‘मॉडल बनाने में अपनाई विशेष तकनीक’

रिमोट से संचालित होने वाले ड्रोन का मॉडल बनाया है। जंगल में सर्वे करने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा सकता है।

-महेश व विश्वास, बूंदी

विशेष तकनीक अपनाकर सेनेटाइजर मशीन बनाई है। इसमें संक्रमण से बचाव के साथ ही सेनेटाइजर व्यर्थ नहीं जाता।

-एकांक्षी गौतम, कोटा

बिना मिट्टी के सब्जी उगा सकते है। इसका मॉडल तैयार किया है। कोरोना जैसे समय में यह पद्धति कारगर है।

-पलक श्रीवास्तव

ऐसे स्थान जहां पर हाथ नहीं पहुंच सकता है। ऐसे स्थान पर सफाई करने के लिए वैक्यूम क्लीनर बनाया है।

हर्षिल, डूंगरपुर