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बदहाल सर्किल, बंद पड़े फव्वारे

दीपोत्सव की तैयारी लेकिन नहीं ले रहे सुध

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बदहाल सर्किल, बंद पड़े फव्वारे

बदहाल सर्किल, बंद पड़े फव्वारे

ब्यावर. दीपोत्सव की तैयारियां चल रही है। घर अंगना की साफ सफाई व सजावट का काम घर-घर चल रहा है। दो सप्ताह शेष रह गए है। दीपोत्सव की तैयारी में बाजार सज रहे है लेकिन शहर के अधिकांश सर्किल बदहाल हो रखे है। अधिकांश फव्वारे लम्बे समय से बंद पड़े है। इनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। हालात ये हैं कि इन फव्वारों व सर्किलों की समय पर सफाई भी नहीं हो पा रही है। जबकि शहर की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए इनका निर्माण कराया गया था।

शहर के चांगगेट अंदर व बाहर, अस्पताल मार्ग तिराहा, स्टेशन रोड स्थित सर्किल सहित अन्य सर्किलों की समय पर सार संभाल ही नहीं की जा रही है। इनमें से अधिकांश सर्किलों के फव्वारे लम्बे समय से बंद पड़े हैं। जबकि दीपावली के मध्य नजर शहर सहित अन्य इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जा रहा है। दीपोत्सव पर सर्किलों सहित अन्य स्थान की साफ सफाई की जानी चाहिए। इस बार अब तक सर्किलों की सुध नही ली है। अधिकांश सर्किल बदहाल ही पड़े है।

बेदम हुए फाउंटेन

चांगगेट स्थित गांधी सर्किल के फव्वारे बंद है। इसकी लम्बे समय से सुध नहीं ली जा रही है। हालांकि इस सर्किल की मरम्मत करवाई गई थी लेकिन फव्वारे नहीं चल रहे है। चांगगेट स्थित गांधी सर्किल पर ही अधिकांश संगठनों की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

अस्पताल रोड तिराहा सर्किल को बिसराया

अस्पताल रोड तिराहा पर बने सर्किल की लम्बे समय से कोई साफ सफाई नहीं कर रहा है। हालात यह है कि इस सर्किल क्षतिग्रस्त होने लगा है। जबकि इस सर्किल की बनावट के अनुरूप रखरखाव किया जाए तो दूर से ही आकर्षक लगता है। इसकी कोई सुध नहीं ले रहे है।

नहीं होती देखरेख

अमृतकौर चिकित्सालय के मुख्यद्वार के सामने बने सर्किल में लगी रंग-बिरंगी लाइटें बंद पडी हैं। यहां पर फव्वारा भी नहीं चल रहा है। इस सर्किल की देखरेख नहीं किए जाने से यह बदहाल हो रखा है।