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श्रम विभाग में अधिकारी नहीं, बढ़ रहे प्रकरण, नहीं हो पा रहा निस्तारण

करीब छह माह से निरीक्षक के दोनों पद रिक्त, छात्रवृत्ति सहित काम हो रहे प्रभावित

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श्रम विभाग में अधिकारी नहीं, बढ़ रहे प्रकरण, नहीं हो पा रहा निस्तारण

श्रम विभाग में अधिकारी नहीं, बढ़ रहे प्रकरण, नहीं हो पा रहा निस्तारण

ब्यावर. श्रम कार्यालय में पिछले करीब छह माह से निरीक्षक के दोनों ही पद रिक्त चल रहे हैं। इससे श्रमिकों के विविध कार्य प्रभावित हो रहे है। श्रमिकों के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृति सहित अन्य योजनाओं का लाभ श्रमिकों को समय पर नहीं मिल पा रहा है। इससे श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विभाग को निरीक्षक लगाने को लेकर कई बार लिखा गया लेकिन अब तक इन पदों पर पदस्थापन नहीं हो सका है। शहर में सालों पुराना श्रम कार्यालय है। यहां पर करीब छह माह से निरीक्षक का पद रिक्त चल रहा है। इसके चलते शुभ लक्ष्मी योजना, छात्रवृत्ति योजना सहित अन्य प्रकरणों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। जिला श्रम अधिकारी पर काम का दबाव बढ़ गया है। श्रम संगठनों ने भी कई बार निरीक्षक लगाने को लेकर ज्ञापन सौंपा लेकिन अब तक अधिकारी नहीं लग सके हैं।

महंगाई के अनुरूप नहीं मजदूरी

शहर में हर दिन आस-पास के गांवों से सैकड़ों मजदूर मजदूरी की आशा में आता है। हर रोज मजदूरी मिल पाना भी संभव नहीं है। जिस अनुरूप महंगाई बढी है। उसके अनुरुप मजदूरी नहीं बढी है। ऐसे में श्रमिकों को परेशानी आ रही है। श्रमिकों की मजदूरी तय होनी चाहिए ताकि मजदूरों का आजीविका चलाने में परेशानी नहीं हो।

‘तय होनी चाहिए मजदूरी’

सुबह उठते ही घर से निकल जाते है। सात बजे के करीब चांगगेट पहुंच जाते हैं ताकि रोजगार मिल जाए। मजदूरी साढ़े तीन सौ रुपए तक ही मिलती है। महंगाई के इस दौर में मजदूर के पास कुछ नहीं बचता है।

-चांद मोहम्मद, फतेहगढ़ सल्ला

साढ़े तीन सौ से चार सौ रुपए मजदूरी मिलती है। जबकि अन्य स्थानों पर पांच सौ छह सौ रुपए मजदूरी मिलती है। यहां पर ठेकेदार अधिक हैं। ठेकेदार ही मजदूरी तय करता है। हर दिन मजदूरी नहीं मिल पाने से श्रमिकों को परेशानी होती है। -नौरत काठात, नानणा
‘विभाग को लिखा है’

निरीक्षक के दो पद स्वीकृत है। दोनों ही पद रिक्त चल रहे हैं। श्रमिकों के प्रकरणों का समय पर निस्तारण का पूरा प्रयास करते है। निरीक्षक लगाने को लेकर विभाग को लिखा है। जल्द ही निरीक्षक लगाए जाने की आशा है।

सुनील यादव, जिला श्रम अधिकारी, ब्यावर