
शॉर्टकट से पीएचडी नहीं करें, ज्ञान का आधार शोध है- डॉ. भाटी
ब्यावर. सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के शोधार्थियों की शोध कार्यशाला का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।
इस कार्यशाला में सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय ब्यावर के शोध पर्यवेक्षकों के नेतृत्व में विद्यावाचस्पति की उपाधि के लिए शोध कार्य कर रहे शोधार्थी शामिल हुए। शोध कार्यशाला की अध्यक्षता प्राचार्य वीरेंद्र सिंह भाटी ने की। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य अरुण गुप्ता रही। मुख्यवक्ता विकास नौटियाल, सह आचार्य शोध निदेशक डॉ रंगलाल सुवासिया, समन्वयक डॉ एमआर सिंगारिया ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यालय का उद्घाटन किया। शोध कार्यशाला के समन्वयक सिंगारिया ने बताया कि प्रतिदिन शोध कार्यशाला में 4 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। द्वितीय तकनीकी सत्र में सीमा शर्मा ने शोध विधा, पूर्व साहित्य अध्ययन ,शोध उद्देश्य एवं समस्याओं के बारे में बताया। पूर्व प्राचार्य अरुण गुप्ता ने बताया कि शोध के क्षेत्र में महाविद्यालय का कार्य उच्च कोटि का रहा है।
मुख्यवक्ता विकास नौटियाल ने कहा कि ज्ञान का आधार शोध है। नए दौर में बेहतर शोध करके बेहतर परिणाम देने के लिए मनोयोग से जुट जाएं। इंडिया की रिसर्च पेपर में भागीदारी 5.3 प्रतिशत है। शोध के क्षेत्र में बेहतर काम करने की आवश्यकता है। प्राचार्य डॉ. वी.एस. भाटी ने कहा कि गुणवत्ता को बनाए रखना एवं बिगाडने के लिए हम सब ही जिम्मेदार है। शोधकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि शॉर्टकट से पीएचडी नहीं करे। सोच का अवमूल्यन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पुस्तकालय का बेहतर उपयोग करें। डॉ. आलोक मीणा ने कहा कि शोध में ईमानदारी से काम करें। पीएचडी आपका चेहरा है। जो भी यह मेहनत कर रहे है। यह पूरी जिंदगी भर नजर आएगी। कार्यक्रम का संचालन सह आचार्य डॉ. हरीश गुजराती ने किया
Published on:
14 Mar 2023 11:03 am
बड़ी खबरें
View Allब्यावर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
