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एसडीएम से वार्ता के दौरान उखड़े लोग, कार के सामने खड़े होकर की नारेबाजी

कुल्लू-मनाली हादसा : तीन युवकों का अब तक नहीं लगा सुराग, परिजन व लोग पहुंचे उपखंड कार्यालय, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जताई नाराजगी

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ब्यावर. कुल्लू- मनाली घूमने गए ब्यावर के तीन युवकों का अब तक पता नहीं चल सका है। परिजन प्रशासन की ओर से कोई जानकारी नहीं देने व संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से नाराज हैं। बुधवार को उपखंड अधिकारी से मिलने पहुंचे लोग वार्ता के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से उखड़ गए। उन्होंने उपखंड अधिकारी मुर्दाबाद के नारे लगाए। उपखंड अधिकारी रवाना होने लगे तो उनकी कार के सामने खड़े होकर नारेबाजी की। चालक कार को डाक बंगले के पिछले हिस्से से लेकर रवाना हुआ।मामले के अनुसार शहर से कुल्लू-मनाली घूमने गए सात दोस्तों में से चार के शव ब्यावर पहुंच गए। लेकिन तीन अन्य युवकों का अब तक पता नहीं लग सका है। अक्षय कुमावत, संदीप सांगेला व नितेश पंडित के परिजन 11 दिन से इनके आने या प्रशासन की ओर से कोई सूचना मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई सूचना उपलब्ध नहीं करवाए जाने से नाराज परिजन व अन्य लोग बुधवार को उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे। परिजनों सहित अन्य लोगों का एक शिष्टमंडल उपखंड अधिकारी मृदुलसिंह से मिला। वार्ता के दौरान राजेन्द्रप्रसाद कुमावत ने कहा कि आप से कई बार सम्पर्क किया लेकिन अब तक संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। इस पर उपखंड अधिकारी ने कहा कि आप जाओ, आपको मुआवजा मिल जाएगा। यह बात सुनकर वहां खड़े परिजन की आंखों से आंसू निकल पड़े। रोते हुए परिजन उपखंड अधिकारी कक्ष से बाहर आए। बाहर आकर परिजनों व अन्य लोगों ने प्रशासन व उपखंड अधिकारी मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस दौरान उपखंड अधिकारी अपने कार्यालय से निकले एवं कार में सवार होकर जाने लगे। नाराज लोग कार के सामने खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। उपखंड अधिकारी के चालक ने वाहन को पीछे लिया एवं उपखंड अधिकारी कार्यालय के पीछे वाले रास्ते से होकर रवाना हो गए। परिजन व साथ आए लोग नारेबाजी करते रहे। अक्षय के पिता राजेन्द्रप्रसाद कुमावत ने बताया कि प्रशासन से बार-बार बच्चों का पता लगाने का आग्रह कर रहे हैं। विधायक शंकरसिंह रावत ने एक बार भी आकर सुध नहीं ली।

इनका कहना है….

वार्ता के दौरान उपखंड अधिकारी कहते हैं कि आपकी संतुष्टि से मतलब क्या है? आपको पैसों से मतलब है पैसा आपके घर पहुंच जाएगा। हम यहां पर मुआवजे की मांग करने नहीं आए हैंं। हमें तो अपना भाई चाहिए। प्रशासन से इतना सा आग्रह है कि ड्रोन कैमरे, हेलीकॉप्टर सहित अन्य संसाधनों का उपयोग कर उनका पता लगाए।

-विदुशी, अक्षय कुमावत की बहन

नदी किनारे जो शव थे, उन्हें निकाल दिया है। शेष की तलाश की जा रही है। हादसा बहुत बड़ा हुआ है। नदी का बहाव तेज है। वहां के प्रशासन का कहना है कि मिल जाएंगे तो सूचना दे देंगे एवं अंतिम संस्कार करते हैं तो भी सूचना दे देंगे।

-चन्दू सांगेलाप्रशासन की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है। प्रशासन लगातार आला अधिकारियों से सम्पर्क में हैं। परिजनों से भी बात कर पूरे मामले को समझाया है। उनके प्रति पूरी सहानुभूति है।

-मृदुलसिंह, उपखंड अधिकारी, ब्यावर