भगवतदयालसिंह
ब्यावर. इस बार मानसून की मेहरबानी रही। चौमासा शुरू होने से पहले शुरू हुआ बरसात का दौर अब भी जारी है। बरसात के कारण आंखों से जुड़ी बीमारियां भी बढ़ी हैं। राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में आई फ्लू के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। नेत्र रोग आउटडोर में शनिवार को मरीजों की कतार नजर आई। कई मरीज काला चश्मा लगाकर अस्पताल में उपचार करवाने पहुंचे। आई फ्लू से पीड़ित व्यक्ति को आंखों में दर्द, लालपन जैसी कई परेशानियां झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने के दौरान भी मरीज परेशान नजर आए। राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में इन दिनों आउटडोर बढ़ गया है। लगातार बरसात होने के बाद आंखों के पीडि़तों की संख्या भी बढी है। इसके चलते आउटडोर में मरीजों की कतार है। पिछले कुछ दिनों में आंखों से पीडि़तों की संख्या बढी है। इनमें शहर सहित आस-पास के गांवों के मरीज आ रहे हैं। अस्पताल में दिखाने आई याशिका ने बताया कि आंखोंं में दर्द हो रहा है। इसलिए चिकित्सक को दिखाने आए हैं। प्रतिदिन अस्पताल में पचास से अधिक मरीज आई फ्लू के आ रहे है। इसके अलावा निजी चिकित्सालयों में जाने वाले मरीज अलग हैं।क्या होता है आई फ्लू ?
आई फ्लू को मेडिकल भाषा में पिंक आई या कंजंक्टिवाइटिस भी कहा जाता है, जो बारिश के मौसम में होने वाली एक आम समस्या है। आई फ्लू के दौरान आंखों के सफेद हिस्से में संक्रमण हो जाता है। आई फ्लू के ज्यादातर मामले सर्दी-खांसी वाले वायरस की वजह से बढ़ते हैं। बरसात में फंगल इन्फेक्शन समेत हवा में प्रदूषण, वातावरण में नमी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। जिसकी वजह से कई बार लोगों को आंखों से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं।आई फ्लू के लक्षण
-आंखों का लाल होना, आंखों में सफेद रंग का कीचड़ दिखाई देना- आंखों से पानी बहना व सूजन
– आंखों में दर्द- आंखों में खुजली
आई फ्लू फैलने का कारण
बारिश के गंदे पानी में नहाने या फिर लंबे समय तक पसीने में काम करने से आंखों में इंफेक्शन की समस्या हो जाती है। इसके अलावा आई फ्लू से पीड़ित लोगों से हाथ मिलाने और गंदे हाथों से आंखों को छूने से भी आंखों में इंफेक्शन हो सकता है। आई फ्लू से पीड़ित व्यक्ति के कपड़े प्रयोग करते हैं तो भी आई फ्लू होने की आशंका बनी रहती है।
यह रखें सावधानी…पीड़ित व्यक्ति काला चश्मा पहनकर रखे। टीवी या मोबाइल देखने से बचे। आंखों को बार-बार छूने से बचें एवं आंखों को छूने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं। आंख के संक्रमण से बचने के लिए बारिश में नहीं भीगें।
-डॉ. मुकेश मौर्य, नेत्र रोग विशेषज्ञ