ब्यावर. श्रावण मास के अंतिम सोमवार को शिवालयों में विविध धार्मिक आयोजन हुए। दिनभर शिवालयों में भगवान शिव के जयकारे गुंजायमान रहे। शहर के मुंह बोले महादेव मंदिर, महादेवजी की छत्री, सेंदडा रोड शिव मंदिर, नीलकंठ महादेव तीर्थ एवं शिवपुरा घाटा में दिनभर श्रद्धालुओं का रेला रहा। केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के मंदिर का रूप धरायाडिग्गी महादेव मंदिर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को डिग्गी महादेव मंदिर को केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के मंदिर का रूप दिया गया। मंदिर के अंदर हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं का साक्षात स्वरूप दिया गया। जिसमें केदारनाथ घाटी जैसा ठंडा मौसम, झरने बहते हुए, पहाड़ों का खुशनुमा माहौल, पर्वत पर बैठे हुए भगवान महाकाल आदि दृश्यों ने दर्शन करने आए हुए भक्तों का मन मोह लिया। मंदिर में शाम को भगवान भोलेनाथ का अद्भुत शृंगार किया गया। डिग्गी महादेव मंदिर चौराहा पर भगवान भोलेनाथ की आरती, भजन व शिवाष्टक की धुनों पर भगवान भोलेनाथ की स्तुति की गई। मंदिर में जो भी श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आए उनको केदारनाथ ज्योतिर्लिंग की अनुभूति प्राप्त हुई। केदारनाथ ज्योतिर्लिंग धाम के दर्शन 31 अगस्त श्रावण मास तक लगातार रहेंगे। इसी प्रकार देलवाड़ा रोड सनातन स्कूल के पास मानकेश्वर महादेव मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को विशेष पूजन का कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर डॉ. अनिता पाठक, वंदना यादव, विमला शर्मा, अनिता, सुमन, आशा गोयल, ममता यादव व लाजवंती सिसोदिया सहित श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ का आकर्षक शृंगार किया। शाही सवारी में झूमे श्रद्धालुब्रह्मानन्दधाम गोमतेश्वर महादेव मंदिर से सावन के आखिरी सोमवार को भगवान भोलेनाथ की शाही सवारी निकाली गई। मंदिर से शुरू हुई शाही सवारी ब्रह्मानन्द धाम मार्ग, विनोदनगर, मेवाडी गेट, मालियान चौपड़, शाहपुरा मोहल्ला, गीता भवन, कॉलेज रोड, पानी की टंकी होते हुए वापस गोमतेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। शाही सवारी में सजी विविध झांकियां आकर्षण का प्रमुख केन्द्र रही। इसमें बाहर से आए कलाकारों ने विविध रूप धरकर भोलेनाथ की लीलाओं का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया। इनको देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शाही सवारी के दौरा गणपत सर्राफ, टीकमसिंह, प्रकाश कुमावत, मदनसिंह, दीपसिंह सहित अन्य व्यवस्थाओं को संभाल रहे थे।
अभिषेक किया, श्रद्धा से झूमे श्रद्धालु
चौहान गौरव कांवड़़ यात्रा के तत्वावधान में सोमवार को कांवड़ जत्थे ने सावन मास के अंतिम सोमवार को मगरे की प्रमुख पांच धुनियों राजौरा धूणी, शिवपुरा घाटा, आस पहाड़ धूणी बदनोर, चांग की धूणी, नीलकंठ महादेव किशनपुरा सहित विभिन्न गांवों के शिवालयों में पुष्कर सरोवर से लाए पवित्र जल से अभिषेक किया। कांवडियों के इन धूणी पर पहुंचने के दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। नीलकंठ महादेव मंदिर जाने वाले कांवडियो का प्रदीपसिंह के नेतृत्व में पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान भाजपा नेता संतोष रावत, तिलकसिंह, डूंगरसिंह, विक्रांतसिंह, योगेन्द्रसिंह, भगतसिंह सहित अन्य भी मौजूद रहे।