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ब्यावर

नफरी बढ़े तो जिले की पुलिस व्यवस्था गति पकड़े

पुलिस लाइन की व्यवस्था शुरु हुई न साकेतनगर नए थाने को मिल सकी नफरी, यातायात पुलिस की नफरी की कमी से ट्रेफिक लाइट व्यवस्था हुई बेपटरी

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ब्यावर. जिला बनने के बाद कानून व्यवस्था की देखरेख ब्यावर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शुरु हो गई है। लेकिन नफरी के अभाव में व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ सकी है। शहर में चांगगेट व भगत चौराहा पर ट्रेफिक लाइट की व्यवस्था शुरू की गई। इसमें चांगगेट पर तो अब तक ट्रेफिक लाइट लगाने का काम भी शुरू नहीं हो सका है। जबकि भगत चौराहा पर कभी ट्रेफिक लाइट की व्यवस्था चलती है एवं कभी बंद हो जाती है। रविवार को तो ट्रेफिक लाइट की व्यवस्था अवकाश पर रहती है। ब्यावर नया जिला बनने के बाद 15 थाने शामिल किए गए। जिला बनने के बाद अजमेर, पाली, राजसमंद व भीलवाडा जिले से भी नफरी ब्यावर जिले को मिली। यह नफरी जिले के लिहाज से कम है। नया जिला बनने के बाद पुलिस लाइन के लिए अजमेर रोड पर एक निजी भवन देखा है। अब तक न तो पुलिस लाइन शुरु हो सकी है एवं नही आरआई ही लगाया गया है।साकेतनगर नए थाने को नहीं मिला स्टाफ

साकेतनगर पुलिस चौकी को थाने के रूप में क्रमोन्नत किया गया। साकेतनगर थाने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। अब तक थाने में न तो थानाधिकारी लगाया गया एवं न ही स्टाफ मिला है। अब तक थाने को संसाधन भी उपलब्ध नहीं करवाए गए है। साकेतनगर चौकी पर थाने का नाम जरूर लिखवा दिया गया है लेकिन नफरी नहीं होने से अधिकांश समय वहां पर ताला ही लटका रहता है।41 लाख का बजट, लेकिन जमीन पर नहीं उतर रही व्यवस्था

शहर के चांगगेट व भगत चौराहा पर यातायात का सबसे अधिक दबाव रहता है। इसको देखते हुए प्रशासन ने यहां पर ट्रेफिक लाइट लगाने का निर्णय किया। इसके तहत चांगगेट पर आठ पोल लगाए जाने हैं। यह काम शुरू हुए करीब दो माह का समय बीत चुका है। अब तक काम अधूरा पडा है। इसी प्रकार भगत चौराहा पर ट्रेफिक लाइट लगाने के बाद इसकी विधिवत शुरूआत की गई। नफरी की कमी के कारण इसका पूरे समय संचालन नहीं हो पा रहा है। रविवार के दिन तो पूरे दिन ट्रेफिक लाइट की व्यवस्था बंद ही रहती है। गौरतलब है कि नगर परिषद की ओर से शहर में ट्रेफिक लाइट लगाने के लिए 41 लाख का बजट स्वीकृत किया गया।संसाधनों की भी कमी

नया जिला सृजित हो गया है, लेकिन अब तक संसाधनों का अभाव है। पर्याप्त संसाधन नहीं होने से व्यवस्था गति नहीं पकड़ पा रही है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए भी एक निजी भवन में संचालन को लेकर भी विचार किया जा रहा है। अब तक पुलिस व्यवस्था की दृष्टि से व्यवस्था गति नहीं पकड़ सकी है। हालांकि जिला कलक्टर कार्यालय में शाखाओं को सुचारु करने से लेकर अजमेर, पाली, राजसमंद व भीलवाड़ा से रिकार्ड स्थानान्तरण का काम लगभग पूरा हो चुका है।