18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ब्यावर

ढलती उम्र, बीमारी में टूटता बदन, अखरता है दो घंटे इंतजार

राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय : दवा काउंटर पर हड़ताल के चलते दस बजे तक नहीं बैठते फार्मासिस्ट, मासूम बच्चों व बुजुर्ग होते रहते हैं परेशान

Google source verification

ब्यावर. राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा काउंटर के फार्मासिस्ट की ओर से की जा रही दो घंटे हड़ताल के चलते मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन इस समस्या का समाधान नहीं करवा पा रहा है। ऐसे में मरीजों को दो घंटे तक इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में दूरदराज में आने वाले बुजुर्गों को वापस तपती धूप में अपने गांव जाना पड़ रहा है। जबकि उम्र के इस पड़ाव में उनका तेज धूप में चलना खासा कष्टदायक है। जबकि मासूम बच्चों को भी अस्पताल में इस इंतजार के दौरान खासी परेशानी होती है।फार्मासिस्ट अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार से दो घंटे की हडताल कर रहे है। इसके तहत प्रात: आठ से दस बजे तक दवा काउंटर पर दवा का वितरण नहीं हो पा रहा। इस दौरान मरीजों को दवा काउंटर पर दवा वितरण होने का इंतजार करना पड ़रहा है। बुजुर्गों व बच्चों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ममता अरोड़ा ने बताया कि आठ बजे अस्पताल आ गए। यहां पर चिकित्सक को दिखाकर दवा लिखवा दी। दवा काउंटर के कर्मचारियों का कहना है कि दस बजे आना। ऐसे में दो घंटे तक इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं है। रायपुर निवासी लक्ष्मीनारायण ने बताया कि घर से सुबह जल्दी सात बजे निकला। यहां आए चिकित्सक को दिखा दिया। अब दवा काउंटर पर दस बजे दवा देने की कह रहे है। ऐसे में इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं है। सरमालिया निवासी सुमन ने बताया कि सुबह जल्दी ही घर से निकली ताकि समय पर चिकित्सक को दिखा सके। यहां पर चिकित्सक को दिखा दिया लेकिन दवा नहीं मिलने से इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं है।

इनका कहना है…फार्मासिस्ट दो घंटे की हड़ताल कर रहे हैं। गंभीर मरीजों को परेशानी नहीं हो, इसको लेकर ध्यान रखते हैं। ऐसे मरीजों को दवा दिलवाने की व्यवस्था करवा दी जाती है।

-हनुमान नामा, नर्सिंग अधीक्षक, राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय