ब्यावर. शहर में ऐतिहासिक तेजा मेला का आगाज रविवार से होगा। जबकि सेदरिया में तेजा मेला रविवार को भरेगा। सेदरिया में शनिवार को रात्रि जागरण हुआ। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। मेले की तैयारियों को शनिवार को अंतिम रुप दिया गया। जबकि सुभाष उद्यान में रविवार से मेले का आगाज होगा। इस तीन दिवसीय मेले को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरु कर दी गई है। मेले में व्यवस्था को लेकर कंट्रोल रुम की स्थापना की गई है। कंट्रोल रुम में तीन पारी में अलग-अलग कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। प्रशासन की ओर से भी तेजा मेला को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही है। तेजा थान की सजावट का काम अंतिम चरण में है।
प्रथम न्यौता दिया गणेश को, फिर पहुंचे तेजा थानतीन दिवसीय तेजा मेले के सफल आयोजन की कामना को लेकर तेजा मेला समिति ने शनिवार को भगवान गणेश को निमंत्रित किया। मेले के सफल और निर्विघ्न आयोजन को लेकर सूरजपोल गेट बाहर स्थित प्रसन्न गणपति मंदिर पहुंचे। सभापति, मेला समिति के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने मेले का प्रथम कार्ड भगवान गणेश को समर्पित किया। इस अवसर पर सभापति नरेश कनौजिया, मेला संयोजक त्रिलोक शर्मा, सह मेला संयोजक राजेन्द्र तुनगारिया, मंगतसिंह मोनू, दलपतराज मेवाडा, राजेश शर्मा, हंसराज शर्मा, वेदराज भाटी, गोपालसिंह, प्रीति शर्मा, मुन्नीदेवी, पिंकी कुमावत सहित अन्य मौजूद रहे। समिति के लोगों ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हुए मेले को सफल व निर्विघ्न रूप से संपन्न होने की कामना की। गणेश निमंत्रण के बाद सभी सदस्य व पदाधिकारी तेजा चौक स्थित तेजाजी के मंदिर पहुंचे। वहां पर की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
खाद्य सामग्री के नमूने उठाएब्यावर में वीर तेजाजी मेले के दौरान विक्रय किए जा रहे खाद्य पदार्थो की जांच के लिए ज़िला कलक्टर रोहिताश्वसिंह तोमर ने निर्देश जारी किए हैं। तेजाजी चौक सुभाष उद्यान क्षेत्र में शनिवार को चल खाद्य प्रयोगशाला पहुंची। अलग-अलग दुकानों से रसगुल्ला ,मावा , मिठाई , तेल इत्यादि की स्पॉट टेस्टिंग की गई। ब्यावर एमएफटीएल प्रभारी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी केसरी नंदन शर्मा ने विभिन्न दुकानों पर जांच कर साफ सफ़ाई रखने व खाद्य सामग्री को ढक कर रखने के निर्देश दिए । शहर के पंसारी बाज़ार, पांच बत्ती ब्यावर में दो दुकानों से एक एक नमूने लेकर शुद्धता की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला अजमेर भेजे गए। नमूनीकरण कार्यवाही के दौरान अशोक सेन व गोपाल सिंह साथ रहे।