ब्यावर. शहर थाना पुलिस ने चेन्नई से दिल्ली ले जा रहे कंटेनर से करोड़ों रुपए के आई फोन खुर्द-बुर्द करने के आरोपी कंटेनर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को पिछले लम्बे समय से कंटेनर चालक की तलाश थी। आरोपी चालक के उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में होने की सूचना मिली। पुलिस का एक दल बुलंद शहर पहुंचा एवं आरोपी को पकड़ कर ब्यावर लाई। आरोपी चालक से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में दो आरोपियों को शहर थाना पुलिस पहले गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 101 आईफोन बरामद कर चुकी है। पुलिस को एक अन्य आरोपी की तलाश है। पुलिस ने आरोपी चालक दीपक को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर सौंपा है।शहर थानाधिकारी भूराराम खिलेरी ने बताया कि गत 26 अगस्त को चेन्नई से एक कंटेनर आईफोन लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। यह कंटेनर दीपक व यशवीरसिंह चेन्नई से लेकर रवाना हुए। इन चालकों ने उत्तरप्रदेश के एटा जिला निवासी आनन्द उर्फ गंगाधर उर्फ रुद्रेश के साथ मिलकर आईफोन को खुर्द-बुर्द करने की साजिश रची। इस साजिश के तहत ही ब्यावर के पास जीपीएस हटाकर एवं लॉक खोलकर कंटेनर से 580 आई फोन लेकर फरार हो गए। कंटेनर को ब्यावर के पास ही छोड़ दिया। कंटेनर की जीपीएस लोकेशन बंद होने पर कम्पनी ने इसकी छानबीन शुरू की। आखिरी लोकेशन ब्यावर पर पहुंचे तो उन्हें कंटेनर खड़ा मिला। जिसमें करीब 580 आई फोन गायब मिले। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु की। मामला दर्ज होने के बाद से ही चालक दीपक व यशवीरसिंह फरार चल रहे थे। पुलिस लम्बे समय से इनकी तलाश कर रही थी। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि शहबाजपुर दौलत पुलिस थाना खुर्जा देहात निवासी दीपक कुमार बुलंदशहर आया हुआ है। सूचना मिलने पर ब्यावर से बुलंदशहर पहुंची पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर ब्यावर ले आई।
दो सहयोगियों की पहले हो चुकी है गिरफ्तारी
आईफान खुर्द-बुर्द करने के प्रकरण में शामिल पुष्पेन्द्र कुमार व सुनिल कुमार को पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने पुष्पेन्द्र के कब्जे से एक सौ आई फोन व सुनिल कुमार के कब्जे से एक आईफोन बरामद किया गया था। घटना में प्रयुक्त किया गया वाहन भी पुलिस बरामद कर चुकी है।सरगना अब भी पुलिस गिरफ्त से दूर
कंटेनर से निकाले गए 580 आईफोन में से 101 फोन तो पुष्पेन्द्रकुमार व सुनिल कुमार को उनके हिस्से के दे दिए। जबकि शेष फोन गिरोह का सरगना एटा उतरप्रदेश निवासी आनन्द उर्फ गंगाधर उर्फ रुद्रेश बेचने के लिए ले गया। इस आरोपी ने यह आई फोन कहां पर बेचे एवं कहां पर छिपा कर रखे है। इसकी जानकारी सरगना के गिरफ्त में आने के बाद ही लग सकेगी। कंटेनर का दूसरा चालक यशवीरसिंह भी अब तक फरार चल रहा है। अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि पुष्पेन्द्र कुमार व सुनिल को उनके हिस्से में आए आई फोन दे दिए थे। जबकि शेष आरोपियों के आई फोन सरगना ने बेचने का जिम्मा उठाया था। किसके हिस्से में कितने पैसे आए । इसका खुलासा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगा।