शहर के नेहरू गेट बाहर वर्धमान कन्या महाविद्यालय के निकट एक मकान में रखे पटाखों ने अज्ञात कारणों से आग पकड़ ली। इस दौरान झुलसने व धुएं में दम घुटने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक जना झुलस गया। इसका अस्पताल में उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार नेहरू गेट बाहर निवासी राजेन्द्र तुंदवाल ने मकान में ही गोदाम बना रखा था। इसमें पटाखे रखे हुए थे। इन पटाखों को परिवार के लोग जमाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान बुधवार तड़के अज्ञात कारणों के चलते पटाखों ने आग पकड़ ली। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले पटाखे धमाके के साथ फटने लगे। कुछ ही देर में मकान में रखे पटाखों की लपटें निकलने लगीं। हालात को देखते हुए परिवार के सदस्य बाहर आ गए। इस दौरान तुंदवाल की पुत्री डिम्पल (27) बाहर नहीं आ सकी। लपटों में वह झुलस गई। परिवार के सदस्यों को भनक लगने पर उसे बाहर निकाला। उसे अमृतकौर चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान 56 वर्षीय राजेन्द्र भी झुलस गए। उन्हें अमृतकौर चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। इधर आग लगने की जानकारी मिलने पर दमकल मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।दीवार तोड़कर बनाया रास्ता
मकान में रखे पटाखों में आग लगने के बाद चारों ओर धुआं ही धुआं हो गया। लपटें लगातार तेज होती रहीं। ऐसे में मकान में प्रवेश करना मुश्किल हो गया। इस पर एक दीवार तो तोड़ा गया, ताकि धुआं कम हो जाए। इसके बाद ही अंदर प्रवेश किया जा सका। लपटों के कारण मकान की पट्टियां टूट गईं। मकान में रखा अन्य सामान भी जल गया। उपखंड अधिकारी मृदुल सिंह ने बताया कि बिना अनुमति व सुरक्षा मानकों के बनाए गोदाम पर कार्रवाई की जाएगी। मकान में आग बुझने के बाद नगर परिषद की टीम ने शेष पटाखों को बाहर निकाला। इससे तीन ऑटो टीपर, एक ट्रेक्टर-ट्रॉली एवं एक डम्पर भर गया। इस पटाखों के बचे माल को छावनी फायर स्टेशन पर रखवाया है। जिस मकान में गोदाम बना हुआ था उसके बल्लियां लगाकर बंद कर दिया गया है। हादसे में काल का ग्राम बनी डिम्पल का ससुराल पास ही िस्थत है। वह पटाखों के हिसाब किताब व अन्य कार्याें में सहायता के लिए मंगलवार शाम को ही ससुराल से पिता के घर आई थी।