राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की खामियों से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के आउटडोर में मरीजों की लम्बी कतार की समस्या बनी है। इसको लेकर जिला कलक्टर ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर पालना रिपोर्ट मांगी है। अस्पताल में व्यवस्था को बेहतर करने के लिए चक्रीय क्रम में तीन चिकित्सक लगाए जाने एवं टोकन सिस्टम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में मरीजों का खासा दबाव रहता है। इससे मरीजों को लम्बे समय तक कतार में इंतजार करना पड़ता है। इस व्यवस्था में सुधार को लेकर चिकित्सकों के चक्रीय क्रम व टोकन सुविधा शुरु करने के भी निर्देश जारी किए है। इसके अलावा प्रतीक्षालय कक्ष की सफाई करवाने, ऑडियोलाजिस्ट लगाने, ईसीजी रूम की सफाई व फटी पुरानी चादर बदलने, साफ सफाई के लिए ठेकेदार को पाबंद करने, पीआईसीयू का कार्य पूरा करवाने, दो ऑक्सीजन प्लांट को सात दिन में ठीक करवाने, शिशु वार्ड में ऑक्सीजन प्रेशर प्वाइंट की जांच करवाने के निर्देश भी जारी किए।
अनुपिस्थत चिकित्सकों पर कार्रवाई के निर्देशअमृतकौर चिकित्सालय में डॉ. गोपाल गुर्जर व डॉ. शिवशंकर जाट अनुपिस्थत पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इस संबंध में सात दिन में कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी है।
चाय गिर गई, इसलिए नहीं पहनी यूनिफॉर्मराजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में यूनिफाॅर्म में नहीं आने वाले चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन चिकित्सकों से जवाब मांगा गया है। इसमें एक चिकित्सक ने जवाब में बताया कि यूनिफॉर्म पर चाय गिर गई थी। इस कारण नहीं पहनी। चिकित्सा सेवा का काम पूरी निष्ठा से कर रहे हैं।
आग बुझाने का दिया प्रशिक्षणराजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में गुरुवार को आग बुझाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें नगर परिषद के दमकल कार्यालय के फायर मैन ने आग लगने पर बचाव व आग बुझाने के तरीकों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराया। इसमें नर्सिंग स्टाफ सहित अन्य शामिल रहे। इस दौरान कचरे में आग लगाकर उसको बुझाने का पूर्वाभ्यास भी किया गया।