राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के पालनागृह में 45 दिन पहले मिली नवजात बालिका डेढ माह से अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में उपचार के बाद स्वस्थ होने पर शुक्रवार को अमृतकौर चिकित्सालय से विदा हुई तो उसकी सार-संभाल करने वाला पूरा स्टाफ मौजूद रहा। स्टाफ ने उसे स्नेह से दुलारा-पुचकारा। अब नन्हीं परी की किलकारी किसी सूने अंगना में गूंजेगी। नवजात का वजन बढ़ने के साथ दूध पीने लगी है। अस्पताल प्रशासन ने शुक्रवार को उसे चाइल्ड हेल्प लाइन सुपरवाइजर को सुपुर्द किया। जो उसे लेकर अजमेर पहुंचीं। बालिका को अजमेर विदा करने के दौरान पीएमओ डॉ. सुरेन्द्रसिंह सहित स्टाफ मौजूद रहा।
पालनागृह में मिली थीडॉ. चौहान ने बताया कि 17 दिसम्बर को पालना गृह में प्री-मेच्योर बेबी मिली थी। घंटी बजते ही स्टाफ ने पालनागृह से नवजात को लाकर गहन चिकित्सा इकाई में उपचार शुरु कर दिया। 45 दिन से बालिका का अस्पताल में उपचार चल रहा था। अब बालिका स्वस्थ होने के साथ ही दूध भी पीने लगी थी।
समाज कल्याण विभाग को सूचित कियाबालिका के स्वस्थ होने पर अस्पताल प्रशासन ने समाज कल्याण विभाग को सूचना दी। इसके बाद चाइल्ड हेल्प लाइन की सुपरवाइजर सुनिता एम्बूलेंस लेकर अजमेर पहुंची। जहां पर बालिका को बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया गया।
पालनागृह में आए बच्चों को मिला दुलारमदर चाइल्ड विंग परिसर में पालनागृह का निर्माण करीब सात साल पहले किया गया था। इसके बाद से पालनागृह में अब तक करीब छह बच्चे आ चुके हैं। इनमें प्री-मेच्योर बच्चे भी शामिल रहे।