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एक छात्र के भरोसे पूरा छात्रावास

सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की ओर से हो रहा संचालन

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Boys Hostel

एक छात्र के भरोसे पूरा छात्रावास


सुनिल जैन
ब्यावर. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित श्री बीआर अम्बेडकर राजकीय छात्रावास में पचास से ज्यादा विद्यार्थी रह रहे है लेकिन यहां की व्यवस्थाओं के लिए कोई धणी धोरी नहीं है। यहां पर चौकीदार व जिम्मेदार व्यक्ति के बिना बे रोक टोक बच्चों की आवाजाही व पूछताछ करते अभिभावकों के नजारे को देखकर अन्दाज लगाया जा सकता है कि यहां सुरक्षा की कोई गारन्टी नहीं है। फिलहाल यहां की व्यवस्थाएं यहां रह रहे बारहवीं कक्षा में अध्ययनत छात्र के भरोसे है। राजस्थान पत्रिका टीम ने गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे जब छात्रावास का अवलोकन किया तो कुछ बच्चे स्कूल पढ़कर लौट रहे थे तो कुछनए बच्चे प्रवेश के लिए अपने अभिभावकों के साथ वहां दिखाई दिए। कुछ बच्चे मैसे में खाना खा रहे थे। वहां खड़ा एक बच्चा जिसने अपना नाम पिंटू बताया और बच्चों को गाइड करता दिखाई दिया।पूछा तो उसने बताया कि कार्यालय अधीक्षक राजेश मीणा मसूदा गए है और फिलहाल कोई चौकीदार नहीं। छात्रावास अधीक्षक के पास मसूदा के दो छात्रावास का कार्यभार भी है और यहां का अतिरिक्त कार्य सौंपा गया है।वे आते जाते रहते है। ऐसे में वहीं छात्रावास को सभाल रहा है।

11.40 लाख सालाना खर्च
छात्रावास में रहने वाले बच्चे के लिए दो हजार रुपए मासिक खर्च तय है और साढ़े नौ माह के लिए उन्नीस हजार रुपए साल के खर्च किए जाते है। इसमें निर्धारित खाद्य सामग्री, कुकिंग गैस, सब्जियां, फल, दूध, स्कूल यूनिफार्म, साबुन, तेल, बाल कटाई, साफ सफाई, समाचार पत्रपत्रिकाएं, मरमत व रंग रोगन का खर्चा शामिल है। यहां पर साठ बच्चों के रहने के इंतजाम है। ऐसे में सालाना खर्च ११.४० लख रुपए है।

हर दिन खाने का अलग मैन्यू
छात्रावास में रहने वाले बच्चों के लिए हर दिन का अलग मैन्यू तय किया गया है। इसमें सुबह का नाश्ता, दिन का खाना व रात का खाना शामिल है। इसके साथ ही हर रविवार को स्पेशल खाना खिलाया जाता है।