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कोरोना काल में लगा बुक इश्यू पर लॉक, अब तक नहीं हुआ अनलॉक

कोरोना के संक्रमण शुरु होने के बाद से पुस्तकालय से पुस्तकों का वितरण बंद हुआ। जो तीन शिक्षा सत्र बीत जाने के बावजूद वापस पुस्तक वितरण शुरू नहीं हो सका। पुस्तकालय में एक लाख से अधिक पुस्तकों का संग्रह, लेकिन तीन साल से जारी करने की व्यवस्था बंद।

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ब्यावर. सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय के पुस्तकालय से तीन साल में एक भी पुस्तक इश्यू नहीं हो सकी। कोरोना के संक्रमण शुरु होने के बाद से पुस्तकालय से पुस्तकों का वितरण बंद हुआ। जो तीन शिक्षा सत्र बीत जाने के बावजूद वापस पुस्तक वितरण शुरू नहीं हो सका। इस साल भी वापस परीक्षाएं शुरू होने की तैयारी है। पुस्तकालय तो खुल रहा है लेकिन पुस्तकों का वितरण इस सत्र में भी नहीं हो सकेगा। जबकि पुस्तकालय में अलग-अलग विषयों की करीब एक लाख से अधिक पुस्तकों का संग्रह है। कोरोना का संक्रमण काल शुरू हुआ तो कक्षाओं का संचालन बंद हो गया। शिक्षण संस्थाओं को बंद कर दिया गया। इसके साथ ही पुस्तकालयों का संचालन भी रुक गया। इसके चलते पुस्तकालय से पुस्तकों का विद्यार्थियों को वितरण होने वाली व्यवस्था पर भी विराम लग गया। कोरोना काल का साए से निकले तो फिर जीवन सामान्य तौर पर दौड़ने लगा। महाविद्यालय में भी कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया। अब भी पुस्तकालय से पुस्तकों की वितरण व्यवस्था सुचारू नहीं हो सकी है।


पुस्तकालय में सभी पद रिक्त
पुस्तकालय में केवल पुस्तकालयाध्यक्ष, एक सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष सहित 3 बुक लिफ्टर के पद रिक्त चल रहे हैं। सभी पद रिक्त होने से समिति को चार्ज दिया गया है। इस समिति में शामिल प्रोफेसर के सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यभार दूसरे प्रोफेसर को दिया। पुस्कालय के सभी पद रिक्त होने से अब अस्थायी तौर पर कर्मचारी लगाया गया है। इसके बाद अब वापस पुस्तकालय में बैठकर पढ़ने की व्यवस्था शुरू की है। यहां पहुंचने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी गिनी-चुनी ही है। गौरतलब है कि रिक्त पदों के चलते कई दिनों तक तो पुस्तकालय पर ताला लटका रहा था।

बुक बैंक की भी नहीं हो सकी स्थापना
विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए आसानी से पुस्तकें उपलब्ध हो सके। इसके लिए करीब आठ साल पहले बुक बैंक की स्थापना करने को लेकर भी कवायद शुरू की गई। इसमें पुस्तकों को ऑनलाइन किया जाना था। यह मंशा भी फलीभूत नहीं हो सकी।

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चांदमल मोदी पुस्तकालय में भी नहीं बढ़े कद्रदान
नगर परिषद की ओर से संचालित चांदमल मोदी पुस्तकालय में बड़ी संख्या में पुस्तकों का संग्रह है। पिछले कई सालों से नए जुड़ने वाले पाठकों की संख्या बेहद कम है। पिछले 17 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नए पाठकों की संख्या गिनी चुनी ही बढ़ी है। चांदमल मोदी पुस्तकालय में 2006 में 21, 2007 में 89, 2008 में 42, 2009 में 37, 2010 में 22, 2011 में 18, 2012 में 19, 2013 में 14, 2014 में 7, 2015 में 11, 2016 में 06, 2017 में पांच, 2018 में 06, 2019 में 150, 2020 में 48 नए पाठक ही पुस्तकालय ये जुड़ सके हैं। हालांकि कोविड के बाद नए पाठकों की संख्या ने गति पकड़ी लेकिन वो भी आशा के अनुरूप नहीं है।

पुस्तकालय का कार्यभार मिला है। इसके बाद नियमित रूप से पुस्तकालय खुल रहा है। वितरण व्यवस्था को जल्द ही सुचारु किया जाएगा।
-डॉ. सुलक्ष्मी तोषनीवाल, पुस्तकालय प्रभारी, एस.डी. कॉलेज

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