
चिकित्सकों से तीन दिन में मांगा जवाब
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
ब्यावर. अस्पताल की अव्यवस्थाओं व अनियमितताओं में लिप्त पाए जाने के आरोप के बाद अब राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के नौ चिकित्सकों को सरकार के खिलाफ अनर्गल टिप्पणी करने के आरोप में नोटिस थमा दिए गए है।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अजमेर के संयुक्त निदेशक ने चिकित्सकों से तीन दिवस में जवाब मांगा है। जारी नोटिस में बताया है कि 29 जनवरी को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव समित शर्मा की ओर से निरीक्षण किया गया और उनकी ओर से गठित जांच टीम की रिपोर्ट पर 30 जनवरी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया लेकिन इन स्पष्टीकरण का जवाब देने के बजाय चिकित्सालय परिसर में प्रेसवार्ता कर सरकार के विरूद्ध अनर्गल टिप्पणी व आलोचना की गई।यह कृत्य राजस्थान सिविल सेवाएं (आचरण) नियम १९७१ के अन्तर्गत दुराचरण की श्रेणी मेें आता है।अत: तीन दिन में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।समय पर स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने या संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित कर दी जाएगी, जिसकी समस्त जिमेदारी आपकी होगी। गौरतलब है कि प्रेसवार्ता में शामिल ऑल राजस्थान एसोसिएशन ऑफ इन सर्विस डॉक्टर के सचिव आलोक श्रीवास्तव, वरिष्ठि चिकित्सक डॉ. दिलीप चौधरी, डॉ. सुनील कुमावत, डॉ. सुरेन्द्रसिंह चौहान, डॉ. प्रमोद सक्सेना, डॉ. विद्या सक्सेना, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. मनोज शर्मा को नोटिस जारी किए गए है।
पहले तेरह को दिए थे नोटिस
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक समित शर्मा की ओर से गठित पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर गत दिनों संयुक्त निदेशक डॉ. गजेन्द्रसिंह सिसोदिया की ओर से डॉक्टर गोपाल गुर्जर, डॉ. टीसी गगरानी, डॉ.विवेक भटनागर, डॉ. अरविंद अग्रवाल, डॉ.मनोज शर्मा, डॉ.सुनील कुमावत, डॉ सुरेंद्र चौहान, डॉ आलोक श्रीवास्तव, डॉ.दिनेश जैन, डॉ.एम एस चांदावत, डॉ.संजय शर्मा, डॉ.पी एम बोहरा, डॉ.प्रमोद सक्सेना को अस्पताल की अव्यवस्थाओं व अनियमितताओं पर प्रथम दृष्टया लिप्त पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए।
Published on:
11 Feb 2019 06:55 pm
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