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इतिहास को समेटे है परकोटा, अब वजूद ही खतरे में

शहर आबाद हुआ तब चारों ओर बना था परकोटा, प्रशासन की अनदेखी से गिन रहा है अंतिम सांसें, पूर्व में नगर परिषद ने दिए थे नोटिस

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It is bright history, but now it is still in danger

इतिहास को समेटे है परकोटा, अब वजूद ही खतरे में

ब्यावर (अजमेर).

शहर के ऐतिहासिक परकोटे का वजूद खतरे में है। इसे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है और कई जगहों पर अतिक्रमण भी कर लिया गया है, लेकिन जिम्मेदारों ने इसकी सुध लेना मुनासिब नहीं समझा है और यही कारण है कि अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हैं।

इस परकोटे के सुंदरता देखते ही बनती थी। परकोटे की अरबों रुपए की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया एवं उसका उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।

अब ऐसे में कुछ स्थानों पर बचा परकोटा भी अंतिम सांसें गिन रहा है, जबकि बिचड़ली तालाब के पास बने परकोटे का रखरखाव किया जाता और अतिक्रमण नहीं करने दिया जाता तो बिचड़ली तालाब की सुंदरता में चार चांद लगने के साथ ही तालाब में अतिक्रमण नहीं होता।

इसी प्रकार चांगगेट पर इस परकोटे को बचाकर रखा जा सकता था। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हालात यह हैं कि परकोटे को तोड़कर जगह-जगह से लोगों ने इस जमीन का व्यावसायिक उपयोग तक शुरू कर दिया है।

प्रशासन की अनदेखी से हौसले बुलंद

शहर के अजमेरी गेट, मेवाड़ी गेट व चांगगेट के आस-पास परकोटे को क्षतिग्रस्त किया गया। हालात यह हैं कि इन शहर की सुंदरता बढ़ाने वाले दरवाजों के पास यह परकोटे शहर को सुंदरता का परिचायक रहा।

इस परकोटे को तोड़कर ही दुकानों का विस्तार कर लिया गया तो कहीं पर अन्य उपयोग किया जाने लगा। परकोटे को तोडऩे वाले अधिकांश लोग रसूखदार हैं। ऐसे में प्रशासन भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं करता है।

खस्ताहाल होने लगा परकोटा

कर्नल डिक्सन ने शहर को बसाया तब इसके चारों ओर परकोटा बनाया गया। यह परकोटा चांगगेट, मेवाड़ी गेट, सूरजपोल गेट व अजमेरी गेट तक जुड़ा हुआ था। अब धीरे-धीरे यह परकोटा खत्म हो गया है। कुछ स्थानों पर यह परकोटा अब भी मूल रूप में नजर आता है।

जानकारों के अनुसार परकोटे की लम्बाई 1056 9 फीट एवं इसका माप करीब 88416 1 क्यूबिक फीट है। परकोटे में जगह-जगह बुर्ज बने हुए हैं। एक बुर्ज तहसील कार्यालय परिसर में बना है। जो आज भी पुरानी यादों को ताजा करता है। हालांकि इनका रखरखाव नहीं होने से इनके पत्थर निकलने लगे हैं।