
मासूम से दुराचार : एसपी पहुंचे ब्यावर, विधायक ने चेताया-जल्द करो दुराचारी को गिरफ्तार
ब्यावर (अजमेर). सात साल की बालिका से दुराचार मामले में ब्यावर शहर का माहौल गर्मा रहा है। यहां के लोगों में आक्रोश फैल रहा है। आखिर अपराधियों की इतनी हिम्मत कैसे हो रही है कि माता-पिता के पास सोती बालिका को उठाकर ले जाए। बाद में दुराचार कर उसे लहुलूहान छोड़ दिया। घटना के बाद से शुक्रवार को दिनभर ब्यावर में लोगों का विरोध जारी रहा।
मामले की गंभीरता को देख जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ब्यावर पहुंचे। यहां पुलिस के अन्न्य अफसरों से हालात की जानकारी ली। आरोपित युवक की धर-पकड़ के लिए पुलिस टीम का गठन किया है। उधर, विधायक शंकर सिह रावत ने पुलिस अधिकारियों से मिलकर दुराचारी युवक को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। साथ में चेताया कि युवक को पकड़ा नहीं गया तो आंदोलन किया जाएगा। विधायक की धमकी बाद पुलिस सक्रिय हो गई है।
घटना के बाद कई संगठनों ने उपखंड अधिकारी व पुलिस को ज्ञापन सौंप आरोपित को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। भाजपा नेताओं व हिन्दू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी को साफ कहा कि शनिवार तक दुराचारी युवक को गिरफ्तार किया जाए। ज्ञापन देने वालों में सुखदेवसिंह, माणक साहू, मनमोहन साहू, राजू, मुकेश, कपिल सेन, कमल भाटी, योगेश शर्मा सहित अन्य शामिल रहे।
आरोपितों की नहीं करेंगे पैरवी
अभिभाषक संघ ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौपा। इसमें अध्यक्ष सुनिल कौशिक, सचिव दिलीपसिंह गोरा, नीतेश वर्मा, नरेन्द्र शर्मा, रवि सुखाडिया, हेमन्त, दीपेन्द्र सहित अन्य शािमल रहे। अध्यक्ष कौशिक ने सात वर्षीय बालिका के साथ दुराचार करने के आरोपितों का शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। इस मामले में अभिभाषक संघ ब्यावर आरोपितों की ओर से पैरवी नहीं करने का विश्वास दिलाया।
शेष चौराहा पर भी लगे सीसीटीवी कैमरे
विधायक शंकरसिंह रावत व भाजपा के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप से मुलाकात की। इस मामले जल्द कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर विधायक रावत ने शेष रहे चौराहा पर विधायक कोष से सीसीटीवी कैमरे लगाने को आश्वासन दिया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष जयकिशन बल्दुआ, दिनेश कटारिया, रिखबचंद खटोड सहित अन्य शामिल रहे।
सोशल साइट पर कर दी पहचान जाहिर!
सात वर्षीय बालिका के साथ दुराचार के मामले को लेकर लोगों में गुस्सा है। दिनभर इस मामले को लेकर लोग रोष जताकर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग करते रहे। ऐसे मामले में पीडि़ता की पहचान नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद सोशल साइट पर बालिका की पहचान दे दी गई। सोशल साइट पर इस तरह की पोस्ट सामने आई। हालांकि प्रशासन इससे अनजान बना रहा। इस तरह की पोस्ट पर अनभिज्ञता जाहिर की।
Published on:
15 Jun 2019, 2:12 AM IST
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