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गर्मी में इनका हुआ बुरा हाल

जीवर रक्षक दवाइयां गर्मी से पिघल रही, कूलर से लेकर डक्ट तक पड़े हैं बंद

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गर्मी में इनका हुआ बुरा हाल

गर्मी में इनका हुआ बुरा हाल

नहीं सुधर रहे अस्पताल के हालात

ब्यावर. आग उगलती गर्मी व उमस के बावजूद राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में लगे कूलर व मदर चाइल्ड विंग कीछत पर लगे डक्ट बंद पड़े हैं। यही स्थिति केन्द्रीय दवा स्टोर की भी है। यहां पर अस्पताल प्रशासन ने इधर उधर से उतरे हुए तीन वातानुकूलित उपकरण लगवा दिए। लेकिन वह चालू ही नहीं हो रहे हैं। तीन एसी धूल फांक रहे हैं। यहां पर मरीजों की जीवन रक्षक दवाइयां रखी हुई है। वह गर्मी से खराब हो रही है। लेकिन यहां के अस्पताल प्रशासन को इन दवाओं को सुरक्षित रखने से कोई सरोकार नहीं है। अधिकारियों के कमरों में खाली एसी चल रहे हैं। कई जगह तो मरीजों के लिए भेजे गए वातानुकूलित उपकरण अधिकारियों के कक्षों में लगा दिए गए हैं। इसका खामियाजा यहां भर्ती मरीज भुगत रहा है।
अमृतकौर चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में ाामाशाहों ने कूलर मरीजों की सुविधा के लिए भेंट किए। लेकिन इन कूलर में पानी भरने की जवाबदेही किसी को नहीं दी गई। इसी कारण या तो दिन ार यह बंद ही रहते हैं। जिन वार्डों में चल रहे हैं वहां पर यह गरम हवा फेंक रहे हैं। कुछ समय पूर्व नरेन्द्र मोदी विचार मंच के सदस्यों की ओर से विरोध के बाद अस्पताल प्रशासन ने दिखाने के लिए मैकेनिक को बुलाकर एसी की मरमत का काम शुरूकिया। लेकिन वह काम भी जिस तेजी से शुरूहुआ उसी तेजी से बंद हो गया। यहां तक की अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में लगे हुए वातानुकूलित उपकरण तक बंद पड़े हैं। कई बार मरीजों ने इस बारे में शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इस मामले में अस्पताल प्रशासन पूरी तरह खामोश है. यहां पर ह्रदयघात व दमा जैसे गंभीर रोगों के मरीज भर्ती हैं। इसके बावजूद इन वार्डों की अस्पताल प्रशासन सुध नहीं ले रहा है।