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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती में बड़ी गड़बड़ी, नियुक्ति निरस्त करने जनपद सीइओ ने कलेक्टर को लिखा पत्र

महिला बाल विकास बेरला में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के बाद बेरला जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिता जैन ने कलेक्टर और जिला परीयोजना अधिकारी को नियुक्ति निरस्त करने पत्र लिखा है।

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती में बड़ी गड़बड़ी, नियुक्ति निरस्त करने जनपद सीइओ ने कलेक्टर को लिखा पत्र

बेमेतरा /बेरला. महिला बाल विकास बेरला में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के बाद बेरला जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिता जैन ने कलेक्टर और जिला परीयोजना अधिकारी को नियुक्ति निरस्त करने पत्र लिखा है। बेरला ब्लॉक में महिला व बाल विकास विभाग द्वारा 9 माह पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के 18 पदों में नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला था, जिस पर प्राप्त आवेदनों में से चयनित उम्मीदवारों की सूची विभाग की ओर से बेरला जनपद पंचायत की सामान्य सभा में रखी गई।

जनपद पंचायत के सदस्यों द्वारा नौ माह बाद सूची को अनुमोदित कराए जाने के सवाल पर अधिकारी के संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सर्वसम्मति से नियुक्ति को निरस्त करने का निर्णय लिया। जनपद सदस्यों का कहना था कि नियुक्ति में इतनी देर ही अपने आप में संदेह को जन्म देती है। इसके पहले भी महिला व बाल विकास विभाग नियुक्ति को लेकर चर्चा में आया था।

ये है शासन का नियम
शासन के उपसचिव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की नियुक्ति के संदर्भ में स्पष्ट आदेश दिया है कि 81 दिनों में मूल्याकन समिति द्वारा व चयन समिति द्वारा नियुक्ति पूर्ण करना है। चयन समिति के अनुमोदन नहीं करने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा 81 से 89 दिनों में अनुमोदन करना है। शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में 90 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण करनी है। लेकिन बेरला परियोजना अधिकारी बीआर मंडावी किस नियम के तहत 9 माह बाद अनुमोदन के लिए जनपद पंचायत की चयन समिति के पास आए, यह सदस्यों को समझ
नहीं आया।

बंद लिफाफे में लिया जा रहा है आवेदन
आवेदकों से आवेदन बंद लिफाफे में बिना चेक लिस्ट के लिया जाता। चेक लिस्ट का मतलब है आवेदक द्वारा भरे गए सभी प्रमाण पत्र को चेक कर चेक लिस्ट बनाई जाती है और आवेदक को उसकी पावती दी जाती है, जिसे आवेदक बाद में मिला सकता है। लेकिन बेरला महिला बाल विकास विभाग द्वारा बंद लिफाफे में आवेदन लेना संदेह को जन्म देता है। लिफाफा खोलने वाला अगर कोई प्रमाण पत्र हटा दे तो उसकी कोई पकड़ नहीं रह जाती।

पहले भी पारित नहीं किया था प्रस्ताव
पहले भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की नियुक्ति की गयी थी, जिसके अनुमोदन के लिए जनपद पंयायत के पास भेजा गया था, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर संदेह होने की वजह से प्रस्ताव पारित नहीं किया गया था। इसके बाद महिला बाल विकास के परीयोजना अधिकारी ने जिला अधिकारी से अनुमोदन कराकर भर्ती की गई थी। ताजा प्रकरण के बाद पूर्व के प्रकरण की भी जांच की बात उठने लगी है।

बीईओ बेरला एनएल रावटे ने बताया कि आवेदनों के लिफाफे को मूल्यांकन समिति के समक्ष खोलना चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। बीएमओ बेरला जितेंद्र कुंजाम ने बताया कि आवेदनों को पहले की भी इसी तरह खोला जाता रहा है। लिफाफा मूल्याकंन समिति के समक्ष नहीं खोला जाता। परियोजना अधिकारी द्वारा प्रारंभिक मूल्यांकन प्रपत्र किया जाता है।

एक ही जगह पांच साल से टिके हैं अधिकारी
परीयोजना अधिकारी बीआर मंडावी पांच वर्षों से विभाग का काम सम्हाल रहे हैं। एक ओर जिले में तीन साल से टिके अधिकारियों का तबादला हो रहा है, वहीं पांच वर्षों से टिके अधिकारी पर अब तक अधिकारियों की नजर नहीं पड़ी है।
पडऩे पर सवाल उठ रहे हैं।