
बेमेतरा. प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिले के अनुसूचित जाति बहुल गांव में हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन, स्वरोजगार, ई-पंचायत सहित अन्य कार्यों के लिए 13 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। जिसमें प्रत्येक गांव को उसकी आवश्यकता अनुसार कार्यों के लिए 45 लाख रुपए का आबंटन मिला है।
बताया गया कि योजना में शामिल गांवों में स्वीकृत कार्य शुरू हो चुके हैं, लेकिन कार्यों की प्रगति को लेकर योजना से जुड़े अधिकारियों के बयान में विरोधाभास होने से सवाल खड़े हो रहे हंै। योजना में शामिल 30 गांव में विकास कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारियों के बयान में विरोधाभास है। सहायक आयुक्त डीआर भगत के अनुसार अब तक करीब 40 प्रतिशत कार्य ही पूर्ण हो पाए हैं।
बारिश के मौसम में कार्य बंद पड़े थे, जिन्हे आने वाले कुछ दिनों में फिर से शुरू किया जाएगा। वहीं प्रोजेक्ट डायरेक्टर आलोक के अनुसार गांवों में विकास कार्य पूर्णता की ओर है। ऐसे में योजना से जुड़े दोनों अधिकारियों के बयान में विरोधाभास से सवाल खड़े हो रहे हैं। ज्ञात हो कि विकास कार्य से संबंधित एजेंसियों को कार्यों के प्रगति की रिपोर्ट आदिम जाति कल्याण विभाग को देनी है।
ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाना है उद्देश्य
सभी 30 गांव खुले में शौचमुक्त घोषित हो गए हैं। ऐसे में इन गांव के महिला व पुरुषों को शर्मिंदगी भरी जीवन से निजात मिल चुकी है। शिक्षा व स्वास्थ्य के स्तर को सुधारने संबंधित संस्थाओं में आवश्यक संसाधनों की पूर्ति की जा रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने स्व सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा है। इन सभी कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए भी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, ताकि शासन की मंशानुरूप गांव का विकास हो। ई-पंचायत के तहत भू-नक्शा, खसरा, बैंक द्वारा नगद लेन-देन आदि सुविधाएं दी जाएगी।
योजना के प्रथम चरण में नवागढ़ के अनुसूचित जाति बहुल 30 गांव को शामिल किया गया है। वहीं दूसरे चरण के लिए बेमेतरा, नवागढ़ व साजा विधानसभा के 60 गांवों के विकास कार्यों का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग डीआर भगत के अनुसार योजना के क्रियान्वयन के लिए शासन से 13 करोड़ रुपए का आबंटन मिल चुका है। योजना में शामिल गांव के विकास कार्यों को मूर्त रूप देने संबंधित एजेंसियों को स्वीकृत राशि भेज दी गई है। वहीं योजना का प्रोजेक्ट डायरेक्टर सीईओ जिला पंचायत सच्चिदानंद आलोक हैं। जिन पर स्वीकृत कार्यों के प्रगति की मॉनीटरिंग करने के साथ-साथ सभी विभाग से सामंजस्य स्थापित कर संबंधित गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित करना है।
ज्ञात हो कि शासन की तय गाइड लाइन के अनुसार 50 प्रतिशत के अधिक अनुसुचित जाति के आबादी वाले गांव को योजना में शामिल किया गया है। जहां जिले की सूची शासन द्वारा जनगणना 2011 के अनुसार तय कर भेजी गई है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना जिले के नवागढ़ क्षेत्र से लोहढगिया, दर्री, मनोधरपुर, चक्रवाय, ढाबा, कातलबोड़, करहीकांपा, पटनाकांपा, मुड़पार, चाकापेंड्रा, जुनवानीकला, भीखमपुर, कन्हारपुर, बोरदही, मरदही, करवा, नेऊर, मदौरा, नवागांव, बहरबोड़, भालूपान, गोपालपुर, खरही, हाथाडाडू, नवागांव, जुनाढाडू, छीतापार, भानपुर, रिसाअमली, खपरी गांव को शामिल किया गया है। जहां प्रत्येक गांव के लिए विकास 45 लाख रुपए व्यय किया जा रहा है।
60 गांवों के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव
जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र के अनुसूचित जाति बहुल 60 गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने को लेकर प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। जिसमें बेमेतरा क्षेत्र के ग्राम सुखाताल अनुसुचित जाति आबादी 93 प्रतिशत, चारभाठा 83 प्रतिशत, सिरवाबांधा 70 प्रतिशत, जोगीपुर 90 प्रतिशत, भोइनाभाठा 63 प्रतिशत, चंदनु 90 प्रतिशत, मुनरबोड़ 100 प्रतिशत, हेमाबंद 97 प्रतिशत, खामी 84 प्रतिशत, मोहलई, भोथीडीह 65 प्रतिशत, पौसरी 72 प्रतिशत, सिंघौरी 92 प्रतिशत, सिरसा 90 प्रतिशत, सूरजपुरा 60 प्रतिशत भुरकी 80 प्रतिशत, फरी 80 प्रतिशत एवं साजा क्षेत्र में कारेसरा 92 प्रतिशत, हरदास 70 प्रतिशत, सोमईकला 100 प्रतिशत, खुरूसबोड़ 85 प्रतिशत, खुरूसबोड(ज) 61 प्रतिशत, लुक 85 प्रतिशत, नवकेसा 75 प्रतिशत एवं नवागढ विधानसभा के ग्राम खपरी 80, हेंमाबंद 90, लालपुर 85 प्रतिशत अनुसूचित जाति आबादी वाले 60 गांव का प्रस्ताव भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन को योजना में शामिल गांव के लिए राशि का आबंटन मिल चुका है। विभाग द्वारा गांवों की आवश्यकतानुसार करीब 51 कार्यों की सूची स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई थी। जिसमें आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण, वाचनालय, स्कूल बाउंड्रीवाल निर्माण, स्ट्रीट लाइट स्थापना, सोलर हाईमास्ट, बायोगैस प्रबंधन, आत्मायोजना, पावरपंप के साथ पानी टंकी का निर्माण, पेयजल व्यवस्था को लेकर सोलर ड्यूल संयंत्र की स्थापना, स्कूल मरम्मत सहित 51 कार्यों में से आवश्यक्तानुसार कार्य लाभान्वित गांवों में हो रहे हैं। शासन से राशि मिलते ही योजना में शामिल गांवों में स्वीकृत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
Published on:
30 Oct 2017 12:45 pm
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