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88 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ बनाने की चुनौती

 जिले के चारों ब्लॉकों के 88 ग्राम पंचायतों को 15 अगस्त तक शौचालययुक्त (ओडीएफ) ग्राम पंचायत घोषित करने की चुनौती जिला पंचायत के सामने है।
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Satya Narayan Shukla

Jul 25, 2016

ODF City

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बेमेतरा.जिले के चारों ब्लॉकों के 88 ग्राम पंचायतों को 15 अगस्त तक शौचालययुक्त (ओडीएफ) ग्राम पंचायत घोषित करने की चुनौती जिला पंचायत के सामने है। वर्तमान सत्र 2015-16 में 51 गांवों को ओडीएफ घोषित किया गया है। आने वाले 20 दिनों में गांवों में शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण करने के पश्चात गांवों का दो चरणों में सत्यापन कराना होगा। तब ग्राम पंचायतों को ओडीएफ होने का प्रमाण पत्र मिल सकेगा।

चयनित ग्राम नहीं बने ओडीएफ
जिले में 2015-16 में बेमेतरा जनपद के 22 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ ग्राम पंचायत बनाना था। जिसमें से बेमेतरा के बहेरा, खिलोरा, भनसुली, बटार, जेवरी, जिया, फरी, छिरहा, तूमा को खुले में शौच मुक्त गांव घोषित किया गया है। इसके अलावा अर्जुनी, कुसमी भोइनाभाठा, ढोलिया को घोषित करने से पूर्व सत्यापन किया जाना है। बीते सत्र को समाप्त हुए 4 महीने बीत चुके हैं। इसके बाद भी जिले के चयनित गांवों को खुले में शौचमुक्त गांव घोषित नहीं किया जा सका है।

ऐसे होती है घोषणा
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त गांव घोषित करने के लिए पंचायत को आवेदन करना होता है तथा संकल्प का प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद निर्धारित प्रारूप में आवेदन देने के 3 माह के अंदर जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण टीम सर्वे करेगी। इसका बाद अनुशंसा आगे भेजी जाएगी। जिसका प्रमाणीकरण 6 महीने के भीतर किया जाता है। जिसमें राज्य स्वच्छ भारत मिशन का दल सर्वे करेगा। जिसके बाद सत्यापन प्रक्रिया होने के बाद ओडीएफ घोषित होने के बाद खुले में शौच नहीं होने की बाध्यता होगी। अन्यथा प्रमाण-पत्र वापस लिया जा सकेगा।