
बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह (फाइल फोटो - एएनआई)
JPSC JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने विपक्षी दलों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल किया कि जब दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेता तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे तो झारखंड में छात्र प्रोटेस्ट के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की जा रही है?
दिल्ली में आरपी सिंह ने कहा कि इंडिया गठबंधन अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग रुख अपना रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक, अब झारखंड में JPSC और JSSC को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल समेत विपक्ष के किसी बड़े नेता की ओर से हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग नहीं की जा रही है।
आरपी सिंह ने इसे विपक्ष का दोहरा रवैया बताया है। उनका कहना है कि छात्र आंदोलनों और उनकी मांगों को लेकर राजनीतिक दलों का रुख एक जैसा होना चाहिए।
इस बीच झारखंड में जारी छात्र आंदोलन को लेकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी प्रतिक्रिया दी है। रांची में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं और इस मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है। राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर लगातार उनसे बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से भरोसा रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
गंगवार ने कहा कि छात्रों का भविष्य महत्वपूर्ण है और किसी को भी उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि बातचीत के बाद समाधान निकाला जाएगा। राज्यपाल ने यह भी कहा कि छात्र जब चाहें उनसे या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिल सकते हैं।
आरपी सिंह ने इस दौरान एफसीआरए अमेंडमेंट बिल को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस विधेयक का विरोध इसलिए कर रही है क्योंकि वह देश की डेमोग्राफी में बदलाव चाहती है। बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि कांग्रेस धार्मिक धर्मांतरण के पक्ष में है और विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती है। ये आरोप आरपी सिंह ने कांग्रेस पर लगाए हैं।
आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष को विरोध और प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन देशहित से जुड़े विधेयकों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और उन्हें पारित किया जाना चाहिए। उन्होंने जजों से जुड़े बिल, एफसीआरए अमेंडमेंट बिल, परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर संसद में बहस होनी चाहिए और देशहित में जरूरी होने पर इन्हें पास किया जाना चाहिए।
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Updated on:
09 Aug 2026 05:12 pm
Published on:
09 Aug 2026 05:12 pm
