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पंच-सरपंचों के लिए बड़ी खबर : जिले में 34 नए ग्राम पंचायतों का हुआ गठन

जिले के चारों ब्लॉकों बेमेतरा, साजा, बेरला व नवागढ़ को मिलाकर पहले 387 ग्राम पंचायतें थी, जो पुनर्गठन के तहत 34 नए ग्राम पंचायत बनाने के बाद 421 हो गई है।

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पंच-सरपंचों के लिए बड़ी खबर : जिले में 34 नए ग्राम पंचायतों का हुआ गठन

पंच-सरपंचों के लिए बड़ी खबर : जिले में 34 नए ग्राम पंचायतों का हुआ गठन

बेमेतरा . जिले में ग्राम पंचायतों के परिसीमन व पुनर्गठन के लिए दावा आपत्तियों के निराकरण किया गया। कलक्टर के अनुमोदन के बाद जिलें में गठित ग्राम पंचायतों की अंतिम सूची का प्रकाशन किया गया है। जिले के चारों ब्लॉकों बेमेतरा, साजा, बेरला व नवागढ़ को मिलाकर पहले 387 ग्राम पंचायतें थी, जो पुनर्गठन के तहत 34 नए ग्राम पंचायत बनाने के बाद 421 हो गई है। नए ग्राम पंचायत बनने से ग्रामीणों को सुविधाएं अधिक मिलेंगी। स्वतंत्र पंचायत बनने से गांव के विकास को गति मिलेंगी साथ ही आश्रित ग्रामों से कई बार विकास कार्यों को लेकर जो मन मुटाव होता था उनसे भी ग्रामीणों को छुटकारा मिलेगा। ग्रामीण अपने ग्राम पंचायत के विकास के लिए स्वयं सहभागी बनेंगे।

जिले में इन गांवों को बनाया गया पंचायत
बेमेतरा विकास खण्ड में पुनर्गठन से पहले 103 ग्राम पंचायत थी जो बढ़कर 109 हो गई है। विकास खण्ड में सोनपुरी,मोढ़े, बहरबोड़, मुरकी,ओटेबंद व राउरपुर को नया ग्राम पंचायत बनाया गया है। नवागढ़ विकास खण्ड में पहले 94 ग्राम पंचायत थी जो बढ़कर 107 ग्राम पंचायते हो गई है। विकास खण्ड में बोईर कचरा, धोबनी खुर्द, अतरगवां, चकला कुण्डा, टूरा सेमरिया, जुनाडांडू, मक्खनपुर, खटई, धोबघट्टी, खपरी, लोहड़गिया एवं मोहलाईन को ग्राम पंचायत बनाया गया है। साजा विकास खण्ड में पहले 97 ग्राम पंचायत थी जो बढ़कर 105 ग्राम पंचायते हो गई है। विकास खण्ड में अगरी, गर्रा, नवागांव गहीरा, रमपुरा, सोमईखुर्द, लालपुर, जानो एवं डेहरी को नया ग्राम पंचायत बनाया गया है। बेरला विकास खण्ड में चिखला, हडग़ांव, बुड़ेरा, सोरला, कुम्ही, लाटा एवं टेमरी को नया ग्राम पंचायत बनाया गया हैं। इसके बाद अब बेरला विकासखण्ड में 100 ग्राम पंचायतें हो गई है।

नए ग्राम पंचायत बनने से होगा यह फायदा
नए ग्राम पंचायत बनने के बाद ग्रामीणों को कामकाज के लिए दूसरे ग्रामों में आश्रित नही रहना पड़ेगा। ग्रामीणों को किसी काम के लिए अब दूसरा गांव नही जाना पड़ेगा। अपने गांव के विकास कार्यो के लिए खुद ही कार्ययोजना बनाएंगेऔर विकास कि गाथा लिखेंगे। पंचायत के विकास कार्यो के लिए प्राप्त होने वाली राशि के लिए पहले वाद विवाद कि स्थिति बन जाती थी जिससे भी ग्रामीणों को निजात मिल गई है। वही नए ग्राम पंचायतों के लिए विशेष कार्ययोजन तैयार कर विकास किया जाएगा।

पत्रिका ने बिरमपुर के ग्रामीणों को दिलाई राहत
पत्रिका में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए व ग्रामीणों को भविष्य में होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए आपत्तियों पर विचार कर अधिकारीयों ने नवीन ग्राम पंचायतों का गठन किया है। बेमेतरा विकास खण्ड के ग्राम पंचायत बंधी के आश्रित ग्राम रहे ग्राम परसवारा को ग्राम पंचायत कांपा में जोड़कर सूची का प्रकाशन किया था जिस पर परसवारा के ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। ग्रामीणों की समस्या को पत्रिका के द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था जिसें संज्ञान में रखते हुए ग्राम परसवारा को ग्राम पंचायत मुरकी के साथ जोड़कर नये ग्राम पंचायत बनाया गया है। इसी प्रकार ग्राम बिरमपुर के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत गांगपुर में शामिल करने पर आपत्ति की थी। जिसे ग्राम पंचायत छिरहा में शामिल किया गया है। सारंगपुर व चरघट को एक पंचायत बनाए जाने कि मांग ग्रामीणों के द्वारा किया गया था। दोनों गांवों को अलग-अलग ग्राम पंचायतों में शामिल किए जाने पर आपत्ति की थी। जिस पर विचार करते हुए चरघट व सारंगपुर को ग्राम चरगवां में शामिल करते हुए ग्राम पंचायत चरगवां को बनाया गया है। ग्राम पंचायत हथमुड़ी में शामील रहे आश्रित ग्राम ओटेबंद को स्वतंत्र पंचायत बनाया गया है। ग्राम के स्वतंत्र पंचायत बनने पर ग्रामीणों में हर्ष की लहर है। ग्रामीणों ने सूची प्रकाशन होने के बाद मुंह मीठा कर बधाईयां दी।