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बेमेतरा में खराब प्रदर्शन पर एक्शन! 200 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मियों का मार्च का वेतन रुका, कलेक्टर की सख्त कार्रवाई

Government Employee Salary issue: बेमेतरा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में खराब प्रदर्शन के चलते साजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का मार्च महीने का वेतन रोक दिया गया है।

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200 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मियों का मार्च का वेतन रुका, कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, जानें वजह...(photo-patrika)

200 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मियों का मार्च का वेतन रुका, कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, जानें वजह...(photo-patrika)

Government Employee Salary issue: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई ने बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में खराब प्रदर्शन के चलते साजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का मार्च महीने का वेतन रोक दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

Government Employee Salary issue: समीक्षा बैठक के बाद लिया गया फैसला

जानकारी के अनुसार, 24 मार्च को जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में साजा ब्लॉक के प्रदर्शन की समीक्षा की गई, जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों के मुकाबले उपलब्धियां बेहद कम पाई गईं। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

200 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अमृत रोहडेलकर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, साजा ब्लॉक के करीब 200 से अधिक कर्मचारियों का वेतन रोका गया है। इसमें डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, चौकीदार और सफाई कर्मचारी तक शामिल हैं।

सामूहिक कार्रवाई पर उठे सवाल

इस फैसले को लेकर कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। आदेश में किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करने के बजाय पूरे स्टाफ को इसके दायरे में ले लिया गया है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी को भी इस कार्रवाई में क्यों शामिल किया गया।

सोशल मीडिया पर आदेश वायरल

आदेश की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया है। कर्मचारियों और आम लोगों के बीच इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे कड़ा और विवादित कदम बताया है।

महिला कर्मचारियों ने जताई नाराजगी

महिला कर्मचारियों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि वे कठिन परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभा रही हैं। इसके बावजूद बिना व्यक्तिगत जांच के सामूहिक रूप से वेतन रोकना उचित नहीं है। इस फैसले के खिलाफ विभिन्न स्वास्थ्य संगठन भी सक्रिय हो गए हैं।

प्रशासन की सख्ती या कठोरता?

बताया जा रहा है कि कर्मचारी संगठन इस आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में हैं। कलेक्टर की इस कार्रवाई को लेकर दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक ओर इसे प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही तय करने का प्रयास माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे कर्मचारियों के प्रति कठोर रवैया भी कहा जा रहा है।

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है। क्या आदेश में संशोधन होगा या कर्मचारियों को राहत मिलेगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।