
CG Fraud: बेमेतरा जिले में इन दिनों शातिर ठग सक्रिय हैं, जो लोगों की आस्था और भोलापन का फायदा उठाकर लाखों की चपत लगा रहे हैं। जिले के साजा और सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में ठगी के दो सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। पहले मामले में जहां एक स्वयंभू बाबा ने बाधा दूर करने और जेवर शुद्ध करने के नाम पर एक परिवार से करीब 6.63 लाख रुपए ठग लिए। वहीं दूसरे मामले में एक युवक को शराब पिलाकर उसकी मोटरसाइकिल पार कर दी। पुलिस ने दोनों ही मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है लेकिन इन घटनाओं ने एक बार फिर आम जनमानस की सुरक्षा और सतर्कता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
जिले में ठगी के मामलों का बढ़ता ग्राफ पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 से लेकर फरवरी 2026 तक जिले में ठगी के कुल 62 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। वर्ष 2024 में सामान्य ठगी के 17 और साइबर ठगी के 7 मामले सामने आए थे। वहीं 2025 में यह संख्या बढक़र 22 (सामान्य) और 11 (साइबर) हो गई। वर्ष 2026 की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही है। केवल फरवरी माह तक ही 5 नए मामले दर्ज हो चुके हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि ठगों के हौसले बुलंद हैं और वे डिजिटल के साथ-साथ पारंपरिक तरीकों से भी लोगों की जमापूंजी पर डाका डाल रहे हैं।
डीआईजी रामकृष्ण साहू ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने घर में प्रवेश न दें। सोना चमकाने, दोगुना करने या तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर आने वाले संदिग्धों की सूचना तत्काल नजदीकी थाने में दें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ नशापान करना या उसे अपनी गाड़ी की चाबी सौंपना जोखिम भरा हो सकता है। फिलहाल साजा और कोतवाली पुलिस मोबाइल नंबरों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की घेराबंदी में जुटी है।
साजा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पिपरिया निवासी भागवत साहू पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहा था। इसी परेशानी के निराकरण के लिए उनके एक मित्र ने गोरखनाथ शक्ति बाबा का जिक्र किया। झांसे में आकर भागवत ने बाबा को घर बुलाया। बाबा ने पहली बार में समस्या सुलझाने के नाम पर 23 हजार रुपए झटके। इसके बाद किस्तों में 99 हजार और फिर 33 हजार रुपए वसूले। ठगी का सिलसिला यहीं नहीं थमा। 27 फरवरी को जब प्रार्थी घर पर नहीं था तब बाबा ने घर की महिलाओं को जेवर से सोना सिद्ध करने का झांसा दिया। उसने मंगलसूत्र, झुमका और अन्य स्वर्ण आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 5 लाख रुपए है, लेकर रफूचक्कर हो गया। फोन बंद होने और बाबा के लापता होने के बाद प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
हैरानी की बात यह है कि बेमेतरा पुलिस साल भर में 200 से अधिक जागरूकता कैंप लगाती है। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी, अज्ञात व्यक्तियों पर भरोसा न करने और अंधविश्वास से बचने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग ठगों के आसान शिकार बन रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अपराधी अब सीधे लूटपाट की बजाय मनोवैज्ञानिक दबाव और झांसेबाजी का सहारा ले रहे हैं। जब तक जनता स्वयं सचेत नहीं होगी तब तक इन शातिर अपराधियों पर लगाम लगाना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।
Updated on:
03 Apr 2026 03:09 pm
Published on:
03 Apr 2026 03:08 pm
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