
CG Police: पुलिस थाना दाढ़ी में नवीन आपराधिक कानूनों के संबंध में सोमवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एसडीओपी कमल नारायण शर्मा, तहसीलदार सीताराम कंवर व थाना प्रभारी डुलेश्वर चंद्रवंशी ने देश में न्याय के लिए नए प्रवधानों की जानकारी शांति समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों व ग्राम कोटवारों को दी। एसडीओपी बेमेतरा कमल नारायण शर्मा ने बताया कि देश में अपराध और न्याय के लिए रविवार को रात 12 बजे के बाद यानी 1 जुलाई से नए कानून लागू हो गए हैं।
तीन बदलाव हुए हैं भारतीय दंड संहिता आईपीसी अब भारतीय न्याय संहिता बीएनएस होगी। सीआरपीसी दंड प्रक्रिया संहिता अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बीएनएसएस कहलाएगी। भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम बीएसए 2023 के नाम से जाना जाएगा। भारतीय दंड संहिता आईपीसी में 511 धाराएं थी। अब वह भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं होंगी। इसी प्रकार सीआरपीसी 484 धाराएं थी। नए कानून में अब इसमें 531 धाराएं होंगी।
भारतीय साक्ष्य अधिनियम बीएसए 2023 के अंतर्गत पुराने कानून में 167 प्रावधान थे, जो नए में 170 हो गए हैं। अब ई-एफ आईआर दर्ज कराई जा सकती है। संबंधित थाने में तीन दिन के अंदर जाकर साइन करना होगा। इस प्रकार डिजिटल सबूतों का महत्व बढ़ाया गया। तहसीलदार सीताराम कंवर ने बताया कि नया कानून लागू होने के बाद से गवाहों के द्वारा मुकरना एवं झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में कमी आएगी।
थाना प्रभारी डुलेश्वर चंद्रवंशी ने बताया कि जहां-जहां बाजार लगते हैं, उन गांवों में जागरूकता शिविर लगाकर जानकारी दी जाएगी। अब से नए कानून अनुसार कार्रवाई होगी। इस अवसर पर सीएमओ श्रीनिवास द्विवेदी, छन्नू गुप्ता, भगत कुंभकार, अब्दुल हमीद, रोहित साहू, जनपद सदस्य अर्पित गुप्ता, महेंद्र जायसवाल, झमन जायसवाल, शिशिर दुबे, विनय श्रीवास, हीरेंद्र बंजारे आदि उपस्थित थे।
Updated on:
02 Jul 2024 06:01 pm
Published on:
02 Jul 2024 05:51 pm
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