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PM Awas Yojana: 29 हजार आवास का लक्ष्य, अधूरे रह गए काम! जानें PM आवास योजना में बेमेतरा क्यों पिछड़ा?

PM Awas Yojana: बेमेतरा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति बेहद धीमी पाई गई है। वर्ष 2026 के लिए जिले को 29,418 आवासों का लक्ष्य मिला है।
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PM Awas Yojana

PM Awas Yojana: छत्तीसगढ़ में PM आवास योजना के 246 आवासों में हुई हेराफेरी(photo-patrika)

PM Awas Yojana: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति बेहद धीमी पाई गई है। वर्ष 2026 के लिए जिले को 29,418 आवासों का लक्ष्य मिला है, जिसके विरुद्ध अब तक केवल 18,236 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। इस तरह जिला महज 61.9 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल कर सका है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

PM Awas Yojana: समीक्षा बैठक में खुली पोल

12 और 15 जनवरी को जिला पंचायत बेमेतरा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रगति रिपोर्ट सामने आते ही जिला पंचायत की सीईओ प्रेमलता पद्माकर नाराज हो गईं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और कार्यों में गंभीर देरी को देखते हुए उन्होंने 21 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।

एक सप्ताह में निर्माण शुरू करने के निर्देश

जिले में 4,105 आवासों का निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सीईओ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित आवासों का निर्माण कार्य एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से शुरू किया जाए।

भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं

बैठक के दौरान हितग्राहियों को समय पर राशि भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी उठा। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आवास निर्माण की राशि तत्काल और समय पर हितग्राहियों के खातों में पहुंचे, ताकि निर्माण में अनावश्यक विलंब न हो।

किन अधिकारियों को मिला नोटिस

नोटिस जारी किए गए अधिकारी-कर्मचारियों में 9 उप अभियंता, 6 तकनीकी सहायक, 1 एसडीओ (RES), 1 संकाय सदस्य, 1 सहायक प्रोग्रामर और 3 ग्राम पंचायत सचिव शामिल हैं। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जवाब नहीं तो एकपक्षीय कार्रवाई

जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर ने साफ कहा है कि यदि नोटिस प्राप्त अधिकारियों का जवाब समय पर या संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।