वर्तमान में जिले का आरटीओ दफ्तर प्रभारी अधिकारी व स्टाफ के अभाव में लावारिस बनकर रह गया है। यहां का कामकाज ठप पड़ा हुआ है। यहां तक कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम भी यहां नहीं हो पा रहा है। इसके लिए आवेदकों को दुर्ग जाना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि पूर्व परिवहन अधिकारी सत्येंद्र कुमार शर्मा के रिटायर होने के बाद से अब तक विभाग का प्रभार किसी भी अधिकारी को नहीं दिया गया है। कलक्टर ने डिप्टी कलक्टर सीपी बघेल को आरटीओ की जिम्मेदारी देने की अनुशंसा की है लेकिन अब तक परिवहन विभाग के कमिश्नर के अनुमोदन के अभाव में जिम्मेदारी बघेल को नहीं मिल पाई है। इसके कारण 23 दिन से कार्यालय का कामकाज ठप है।