
बेमेतरा. नवागढ़ में रविवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अधिकारियों की सख्ती का अजब नमूना सामने आया। शादी वाले घर पर अधिकारियों ने बेजा कब्जा का हवाला देते हुए बुलडोजर चला दिया। डिप्टी कलेक्टर सिली थामस ने पीडि़त परिवार की बातों को अनसुना करते हुए बल की मौजूदगी में मकान मिनटों में गिरवा दिया। प्रभावितों ने बताया कि अवैध कब्जा तोडऩे से पहले एक बार भी प्रशासन की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। ऐसे में सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से लोगों में काफी आक्रोश है।
80 से ज्यादा जवानों की गई थी तैनाती
एसडीएम कार्यालय के सामने भारी सुरक्षा के बीच लगभग दर्जन भर घरों को तुड़वाया गया। मौके पर जिले सभी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। अतिक्रमण को हटाने से पहले ही विरोध को दबाने के जिला प्रशासन ने पूर्व ही पूरी तैयारी कर ली थी।
80 से ज्यादा जवानों को बुलाया गया
जिले के विभिन्न थानों से 80 से ज्यादा जवानों को बुलाया गया था। जिसमे 25 से 30 महिला पुलिस भी थीं। अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस के अलावा जिलेभर के तहसीलदारों को भी बुलाया गया था। इसके अलावा अपर कलेक्टर एसआर महिलांगे रात से ही फोर्स के साथ मौजूद थे।
इनके घरौंदे पर चला बुलडोजर
नवागढ़ में मोहन दास, समारू राम, धरम, अजय, थानु, दशरथ, दिनुदास, पुन्नी बाई , कमला, नंद कुमार पाटले सहित कई लोगों के मकानों को तोड़ा गया। मोहन दास के पुत्र राजा की शादी इसी महीने 9 तारीख को होना था। जहां खुशियों की शहनाई बजने वाले थीं वहां घर टूटने का परिवार मातम मनाता दिखा।
एक सप्ताह का दिया समय
हालांकि प्रशासन ने प्रभावितों की सामुदायिक भवन में रुकने की व्यवस्था की है। जहां पर वे सात दिन रह सकते हैं। अतिक्रमण हटाने को लेकर किए गए इस कार्रवाई पर कई तरह के सवाल अभी से उठने लगे हैं। लोगों की नाराजगी का अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है।
Published on:
01 Apr 2018 02:00 pm
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