
कर्ज में डूबे किसान ने मरने से पहले लिखा, साहब किसानी चौपट हो गई है...और कोई रास्ता नहीं...
बेमेतरा. कर्ज से परेशान किसान एवं ग्राम बालसमुंद निवासी रामावातार साहू (56) के शव का पोस्टमार्टम कर परिजन को सौंप दिया गया। किसान ने सोमवार को ग्राम मोहरेंगा जाने वाले मार्ग पर बबूल के पेड़ पर फांसी लगा कर आत्महत्यता कर ली थी।
कर्ज के कारण मौत को गले लगाने वाले किसान रामावातार साहू के परिवार से मिलने व जानकारी जुटाने मंगलवार को भी प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा है। जनता कांग्रेस के प्रदेश महासचिव योगेश तिवारी ने कहा कि बेमेतरा जिले के एक और अन्नदाता रामावतार साहू ने अपना जीवन समाप्त कर लिया।
किसान ने मृत्यु पूर्व पत्र लिखा था कि बैंक कर्ज के कारण वह यह कदम उठा रहा है। लगातार खेती किसानी के कार्य में हो रहे नुकसान के कारण किसान वह परेशान था। उन्होंने किसान की मौत पर चिंता जाहिर की है।
कांग्रेस ने किसान परिवार के लिए 20 लाख मुआवजा मांगा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अवनीश राघव ने कहा कि कर्ज से परेशान किसानों की आत्महत्या का सिलसिला अभी रुका नहीं है। यह भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतिोयं का परिणाम है। पिछले 15 साल में 3 वर्ष का बोनस दिया गया है।
धान का समर्थन मूल्य 2100 रुपए, बोनस 300 रुपए कुल मिला कर 2400 रुपए भी नहीं दिया गया है। न ही उचित फसल बीमा की राशि उपलब्ध कराई गई है। इसलिए किसानों की हालत दयनीय हो गई है। किसान रामअवतार साहू ने पुलिस प्रताडऩा की जो बात सुसाइडल नोट में लिखी है, वह निंदनीय है।
कांग्रेस ने रामअवतार साहू के परिजन को तत्काल 20 लाख मुआवजा दिया और पूरा कर्ज माफ किया जाए। कथित प्रताडऩा करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उनके परिवार को सरकारी नौकरी
दी जाए।
Published on:
10 Oct 2018, 12:24 PM IST
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