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खारे पानी से अभी नहीं मिली मुक्ति, 16.55 करोड़ हो चुके खर्च, अब 5 करोड़ रुपए की और जरूरत

पेयजल आवर्धन योजना के अधूरी होने के कारण जिला मुख्यालय के हजारों लोग खारे पानी की समस्या जूझ रहे हैं।

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बेमेतरा. पेयजल आवर्धन योजना के अधूरी होने के कारण जिला मुख्यालय के हजारों लोग खारे पानी की समस्या जूझ रहे हैं। नगर पालिका ने 16 करोड़ 55 लाख की लागत से खारा पानी से मुक्ति के लिए योजना तैयार की थी, जिससे शहर के सभी 12 वार्डों के 27 हजार लोगों को लाभ मिलना था, लेकिन स्टीमेट तैयार करने में खामियों के कारण हजारों लोग पानी से वंचित हैं।

शिवनाथ नदी में बावन लाख एनीकट से पानी लाकर शुद्ध कर लोगों को साफ पानी देने की योजना है, लेकिन फंड के अभाव में यह अधूरा है। प्रदेश शासन ने सेतु नगरीय आवर्धन योजना के तहत 16.55 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। योजना का लाभ केवल शहर के 10 वार्डों को लाभ मिल पाया है। आज भी जिला मुख्यालय के अधिकांश वार्डों में पाइपलाइन विस्तार नहीं किया गया है। आगे विस्तार के लिए फंड कम है। अब विभाग 5 करोड़ 15 लाख की अतिरिक्त मांग शासन से कर रहा है। इसका दो साल से इंतजार हो रहा है।

चार साल में हुए योजना के मात्र ये काम
पीएचई के अनुसार शहरी योजना के तहत शिवनाथ नदी का शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। अब तक शहर के 60 फीसदी आबादी को ही योजना का लाभ मिल रहा है। अभी तक 16 करोड़ 55 लाख रुपए खर्च कर इंटेकवेल, रॉ वाटर पंप, जल शुद्धिकरण, संयंत्र, 3.7 एमएलडी क्षमता, क्लीयर वाटर पंप, रॉ वाटर पंपिंग मेन 300 मिमी. कुल 7989 मीटर डीआई के-9 एवं 150 से 250 मिमी. कुल 5126 मीटर डीआई के-9, आरसीसी उच्चस्तरीय टंकी जल वितरण प्रणाली बनाई गई है। बेमेतला जल आवर्धन योजना का काम दो साल 2016 में ही पूरा किया जाना था। विभाग ने हर साल गर्मी के पूर्व योजना को पूर्ण करने का दावा किया, लेकिन आज तक पूरे शहरवासियों को मीठा पानी नहीं मिल पा रहा है।

घरेलू बजट प्रभावित
शहर में लोगों का बजट भी खारा पानी के कारण प्रभावित होने लगा है। लोगों को प्रति 15 लीटर पानी 30 से 40 रुपए में खरीदना पड़ रहा है। बहरहाल योजना पर 16 करोड़ 55 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। लोगों तक मीठा पानी नहीं पहुंच रहा है। बावजूद अब योजना का बजट बढ़कर 21 करोड़ 55 लाख तक पहुंच गया है।

जिस वार्ड में है फिल्टर प्लांट, उसे ही नहीं मिल रहा मीठा पानी
योजना के लिए कोबिया वार्ड में ही पुराना कलक्टोरेट के सामने पीएचई ने प्लांट लगाकर पानी स्टोर कर सफाई किया जा रहा है। यह पानी शहर को सप्लाई हो रहा है। उसी वार्ड के लोगों को विभाग के नलों से एक लीटर शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। योजना की खामियों के कारण रायपुर रोड में कोबिया इलाका के बीटीआई कॉलोनी, सुंदर नगर, कलक्टोरेट, अशोका विहार, कृष्णा विहार, गंजपारा आदि स्थानों के लोग मीठे पानी से वंचित हैं। इसके अलावा सिधौरी, दुर्ग रोड, कोबिया, ब्राह्मणपारा, कचहरी पारा समेत कई वर्डों तक मीठा पानी नहीं पहुंच पाया है। पार्षद सुमन गोस्वामी एवं मनोज शर्मा ने बताया कि योजना की शिकायत करने या मांग करने पर कागजों में निराकरण किया जाता है, जबकि लोगों तक मीठा पानी नहीं पहुंच रहा है।

कार्यालयों के कर्मचारी खरीद कर पी रहे पानी
शहर की बड़ी आबादा खारा पानी की समस्या के कारण बाजार से पानी खरीदने के लिए मजबूर है। यहां तक की शहर के लगभग सभी कार्यालयों में पानी खरीदा जाता है। कलक्टोरेट में संचालित कार्यालयों में भी यही स्थिति है। इसके अलावा रोजाना हजारों लीटर फिल्टर पानी की नियमित खपत है। कोबिया मोहभ_ा रोड, नया बस स्टैंड, दुर्ग रोड, पिकरी रोड एवं रायपुर रोड के लोगों ने बताया कि पानी की सप्लाई नलों से की जानी है, अब तक योजना से शहर के सार्वजनिक नलों को नहीं जोड़ा गया है। इसके कारण उन्हें फिल्टर पानी बाजार से खरीदना पड़ रहा है। संतु बंजारे ने बताया कि खारा पानी की समस्या बरकरार है। दुकान संचालक अनिल सिन्हा ने बताया कि खारे पानी के कारण इस तरह की स्थिति है।