
बेमेतरा . सोमवार को जिले में 10 वीं बोर्ड की परीक्षा शुरू हुई। जिसमें पहले दिन गणित की परीक्षा हुई। जिले के कुल 14602 परीक्षार्थियों में से पहले दिन 14375 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं 227 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिले में इसके लिए 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिले में परीक्षा केन्द्रों की कमी के चलते परीक्षार्थियों को परीक्षा दिलाने के लिए 8 से 10 किमी का सफर तय कर बेमेतरा आना पड़ा। जिससे बच्चों सुबह से ही घर से भूखे पेट परीक्षा दिलाने पहुंचे थे। परीक्षार्थियों को परेशानियों से उस समय गुजरना पड़ा जब वापस घर जाने के लिए घंटो तक बस स्टैंड में बस का इंतजार करना पड़ा। होली के चलते बसों में भीड़ थी। जिससे बच्चे परेशान होते रहे। परीक्षार्थी भूखे पेट दोपहर 1 बजे के बाद अपने घर के लिए रवाना हुए।
गणित के सवालों ने उलझाया
पहले दिन गणित के प्रश्न कठिन होने के चलते परीक्षार्थीं सवालों में उलझे रहे। जिसके चलते प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा। इस कारण परीक्षार्थी अंतिम समय में भी प्रश्नों को हल करते रहे। इधर परीक्षा देकर बाहर निकलते ही विद्यार्थियों के चेहरों में मासूसी झलक रही थी। जहां विद्यार्थी अपने सहपाठियों से प्रश्नपत्र पर ही चर्चा करते रहे। हालांकि कई परीक्षार्थियों ने प्रश्नों को पूरा बनाया।
किसी ने कठिन तो किसी ने कहा घुमावदार थे सवाल
पत्रिका की टीम ने जिला मुख्यालय के कन्या स्कूल, शा बालक हाईस्कूल सहित ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा दिलाकर बाहर निकले परीक्षार्थियों से बात की। इस दौरान छात्र राहुल रजक ने बताया कि गणित का प्रश्नपत्र कठिन था। जिसे हल करने में अधिक समय लगा। मोहन जांगड़े मंजगाव ने बताया कि वह 8 किमी दूर से परीक्षा दिलाने कन्या स्कूल बेमेतरा पहुंचा था। उन्होंने बताया कि बी सेट मिला था। गणित के प्रश्नों को हल करने के लिए समय कम पड़ गया। पार्थ चौबे ने बताया कि प्रश्न घुमावदार था। 4 से 6 नंबर के प्रश्न को हल करने में अधिक समय लगा। कोमल गोयल ने बताया कि उनको ए सेट मिला था। तीनो सेट के ज्यादातर प्रश्न समान थे। केवल प्रश्नों के अंकों में बदलाव था। उन्होंने बताया कि पेपर सामान्य था। इसी तरह ढोलिया, चारभाठा, बिलाई से परीक्षार्थी परीक्षा दिलाने पहुंचे थे।
परीक्षा केन्द्रों में जांच के लिए पहुंची 8 उडऩदस्ता की टीम
परीक्षा केन्द्रों में निगरानी रखने के लिए बनाई गई 8 सदस्यीय उडऩदस्ता की टीम ने जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों के परीक्षा केन्द्रों में निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी डिप्टी कलक्टर बीआर धु्रव को बनाया गया था। जिन्होंने परीक्षा केन्द्र नांदघाट, टेमरी, संबलपुर, चंदनू एवं मुरता हाईस्कूल का निरीक्षण किया। जहां किसी भी केन्द्र में नकल प्रकरण के मामले सामने नहीं आए। इसी तरह उडऩदस्ता की टीम में शामिल अधिकारी प्रवीण लाटा जिला अंत्याव्यवसायी ने देवरबीजा, खैरझिटीकला, खाती एवं दाढ़ी का निरीक्षण किया।
किसी केंद्र में नहीं मिले नकलची
इसी तरह मीनाक्षी साहू जिला खनिज अधिकारी के नेतृत्व में बाबामोहतरा, बालसमुंद, चंदनू, बदनारा एवं संबलपुर, एसके साहू ने गाड़ाडीह, बालक देवकर, कन्या देवकर, परपोड़ी एवं बोरतरा, राजेन्द्र कश्यप जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास के द्वारा बालक खम्हरिया, कन्या खम्हरिया, खम्हरिया एवं बनरांका, विनोद वर्मा उप संचालक कृषि ने बैजलपुर, जेवरी, सरदा, एवं बारगांव, एचएल चतुर्वेदी ने खाम्ही, अधिंयारखोर, नांदल, मुरता, झाल, एसके तिग्गा ने जेवरा एवं कठिया (रांका) के परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण किया। किसी भी केन्द्र में नकल प्रकरण की शिकायत नहीं मिली है। शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा हुई। जिले के किसी भी केंद्र में नकल का प्रकरण नहीं मिला।
माशिमं ने दी राहत
बोर्ड परीक्षार्थियों को 10 किमी दूर परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने के लिए बस का किराया नहीं देना होगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सोमवार को ही आदेश जारी कर सभी कलक्टर को भेजा है। बेमेतरा कलक्टर कार्तिकेया गोयल ने इस आदेश मिलते ही आरटीओ को निर्देश देकर परीक्षा केन्द्र के रूट में चलने वाली सभी बसों के मालिकों को स्टूडेंट्स को नि:शुल्क यात्रा का लाभ देने कहा है। फ्री में सफर करने बच्चों को प्रवेश पत्र बस कंडक्टर को दिखाना होगा।
सभी केंद्रों में शांतिपूर्ण ढंग से हुई परीक्षा
जिला शिक्षा अधिकारी, एके भार्गव ने कहा कि जिले में पहले दिन 10 वीं बोर्ड की गणित विषय की परीक्षा शांतीपूर्ण माहौल में हुई। किसी भी केन्द्र में नकल का प्रकरण सामने नहीं आया है। उडऩदस्ता टीम द्वारा परीक्षा केन्द्रों की जांच की गई।
Published on:
06 Mar 2018 07:15 am
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