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पानी पाउच प्लांट में खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने मारा छापा

पानी पाउच में बैच और डेट प्रिंट किए बिना कर रहेे थे कारोबार, खाद्य, सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 का हो रहा उल्लंघन

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Water business, Food and Drug Department, Bemetara Breaking news, Raid

पानी पाउच प्लांट में खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने मारा छापा

बेमेतरा. सुंदर नगर में स्थित पानी पाउच प्लांट ताज इण्डस्ट्रीज कीन एक्वा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में उपकरण होने के बाद भी पानी पाउच में बैच और तारीख प्रिंट नहीं करने का खुलासा हुआ। कलक्टर महादेव कावरे के निर्देशानुसार जिले में पानी पाउच बेचने वाले प्लांट में कार्रवाई की गई। खाद्य, सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अनुसार पानी पाउच में उत्पादन तिथि व बैच नंबर का अंकित होना अनिवार्य है।
जांच के लिए 64 पाउच किए जब्त
खाद्य सुरक्षा अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशाासन रोशन वर्मा ने बताया कि शनिवार को की गई जांच के बाद टीम ने मौके से ताज इण्डस्ट्रीज से बिना बैच व तारीख वाले 64 नग पानी पाउच की जब्ती बनाकर नमूना जांच के लिए रायपुर स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला को भेजा, साथ ही अपने सामने पानी पाउच में उत्पादन तिथि व बैच नंबर के प्रिंटिंग कार्य को चालू करवाया। जांच टीम में खाद्य निरीक्षक नीतू सिंह, नमूना सहायक वरुण पटेल, जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद सदस्य प्रफुल्ल शर्मा शामिल थे।
मैंगो जूस में घोल रहे थे अखाद्य रंग संचालकों को दी गई सख्त हिदायत
खाद्य सुरक्षा विभाग पिछले एक सप्ताह से लगातार छापामार कार्रवाई कर विभिन्न होटलों, ढाबों व जूस सेंटर की जांच कर रही है। इसी क्रम में तीन दिन पूर्व अखाद्य रंग पाने पर मैंगो जूस व अखाद्य रंगों को नष्ट कराया गया। जहां से रंग मिले, उन होटल संचालकों एवं जूस सेंटरों के मालिकों को सख्त हिदायत दी गई। आगे इसकी पुनरावृत्ति होने पर खाद्य एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में नमूनों की जांच की गई। जांच दल में नमूना सहायक वरुण पटेल, सुमन अग्रवाल, भारतेंदु पांडे आदि शामिल थे।
6 माह की सजा और जुर्माने का है प्रावधान
ज्ञात हो कि जलेबी रंग के नाम से बिकने वाला, गाय या अन्य छाप रंग के पैकेट खाने के लिए अयोग्य लिखा होता है। ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारण होते हैं। इसमें भारी धातु सीसा (लेड) पाया जाता है। यह अखाद्य रंग खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत प्रतिबंधित है। इसका जलेबी, चिकन, आम रस आदि में उपयोग करने पर कड़ी सजा एवं पांच लाख रुपए तक जुर्माना एवं 6 माह तक के कैद का प्रावधान है।