
फंड के अभाव में बंद हो सकती है जिले के 152 गांवों में पेयजल की सप्लाई
बेमेतरा . प्रदेश की सबसे बड़ी समूह पेयजल योजना में फंड का अभाव है। आबंटन नहीं आने से जिले के बेेमेतरा, साजा व नवागढ़ के 152 गावों में मीठा पानी प्रदाय किए जाने की योजना प्रभावित हो सकती है। बताना होगा कि जिले के बेमेतरा, साजा व नवागढ़ के खारा पानी प्रभावित गावों को मीठा पानी सप्लाई करने के लिए बनाई गई योजना के सफल क्रियान्वयन में अब फंड का अभाव रोड़ा साबित होने लगा है। जिसके कारण योजना के संचालन में दिक्कतें आ रही है। वहीं योजना से जुड़े हुए छोटे-मोटे मरम्मत के कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
देनदारी पर चलने लगे हैं कार्यालयों में कामकाज
सूत्रों के अनुसार बेमेतरा प्रदाय योजना में दो माह से फंड का अभाव है। वहीं नवागढ़ योजना में चार माह से आंबटन नहीं आया है। स्थिति यह है कि कार्यालयों में कामकाज देनदारी पर चलने लगा है। आने वाले समय में भी यही स्थिति रही तो पेयजल योजना प्रभावित हो सकती है। आर्थिक संकट का सामना कर रहे विभाग के स्थानीय जिम्मेदारों ने उच्च कार्यालयों को पत्र जारी कर आबंटन जारी करने का अनुरोध किया है।
संचालन व मरम्मत के लिए भी फंड नहीं
सूत्रों के अनुसार जिले के स्थानीय महकमे के पास कई महीनों से आर्थिक समस्या है। योजना को संचालित करने के लिए जरूरी मदों के लिए फंड नहीं है। साथ ही छोटे-बड़े सभी तरह के खर्चों के लिए अर्थाभाव है। अब भी यदि फंड जारी करने में उदासीनता बरती गई तो प्रदेश की सबसे बड़ी पेयजल योजना ठप हो सकती है और योजना का संचालन भी बंद हो सकता है।
जिले के गांवों के लिए उम्मीद की किरण है योजना
मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए तैयार की गई पेयजल योजना जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र बेमेतरा, साजा व नवागढ़ के पेयजल संकट का सामना करने वाले खारा पानी प्रभावित 152 गांवों के लिए उम्मीद की किरण है पर जिस तरह से योजना को शुरू करने के कुछ महीनों बाद ही आर्थिक संकट की स्थिति आ गई है। जिससे योजना का लंबे समय तक संचालन जारी रहने में संदेह है। फंड के अभाव को योजना वाले 152 गांवों के लिए बेहतर संकेत नहीं माना जा रहा है। इस संबंध में परियोजना खंड अधिकारी आशालता गुप्ता ने कहा है कि समूह जलप्रदाय योजना जिले में बेमेतरा, साजा व नवागढ़ में संचालित है। पेयजल योजना के संचालन और संधारण के लिए आबंटन के लिए विभागीय अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
165 करोड़ रुपए हो चुके हैं खर्च
समूह पेयजल योजना के नियमित संचालन के लिए फंड के अभाव की बातें सामने आ रही है। जिससे योजना के लिए पूर्व में तैयार किए गए कार्ययोजना भी सवालों के घेरे में है। तीनों योजना में लगभग 165 करोड़ रुपए खर्च किया जा चुका है। ज्ञात हो कि जिले में 3 समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत सबसे पहले साजा ब्लॉक के 41 गांव को खारे पानी से मुक्ति मिली। बेमेतरा समुह पेयजल योजना के 57 गावों के लिए तैयार किया गया है, जिसका लाभ 75 हजार से अधिक लोग ले रहे हैं। नवागढ़ के 54 गावों के रहवासियों के लिए योजना बनाई गई है। जिससे योजना के तहत 65 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। लाभान्वित गांवों में नल कनेक्शन देकर जलापूर्ति किया जा रहा है। वर्ष 2044 की अनुमानित आबादी के अनुसार जलप्रदाय को लेकर योजना का क्रियान्वयन किया गया है। जहां शिवनाथ नदी का पानी जल शोधन संयंत्र में ट्रीटमेंट कर लोगों को शुद्ध जल की आपूर्ति की जा रही है। जिले में साजा में 4 मार्च 2017 को योजना शुरू किया गया था। जिसके बाद बेमेतरा व नवागढ़ में जनवरी 2018 में योजना शुरू किया गया।
Published on:
12 May 2019 07:10 am
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