
Pre matric hostel
बेमेतरा. जिले में बढ़ती छात्रों की संख्या को देखते हुए नए छात्रावास खोलने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिले में एक भी पोस्ट मैट्रिक स्तर का कन्या छात्रावास भी नहीं है।
जिले में 16 प्री मैट्रिक छात्रावास
जिले में वर्तमान में 16 प्री- मैट्रिक आदिवासी एवं अनुसूचित जनजाति बालिका छात्रावास हैं। वहीं 5 पोस्ट मैट्रिक छात्रावास का संचालन हो रहा है। बेमेतरा के अलावा दाढ़ी, बेरला, नवागढ़, मारो, टेमरी, कुंरा, नांदघाट, ़संबलपुर, मारो व साजा में छात्रावास का संचालन किया जा रहा है, जिसमें मारो छात्रावास में सबसे ज्यादा 100 सीट है, इसके अलावा अन्य जगहों पर 50 और 20 सीट के छात्रावास हैं।
ग्रामीण अंचल से आते हैं बच्चे
शासन की ओर से दूरस्थ इलाकों से शहर में पढऩे आने वाले छात्र-छात्राओं को छात्रावास व आश्रम की सुविधा उपलब्ध कराना है। वहीं पालक भी घरेलू कार्यों के कारण पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए आवास सुविधा उपलब्ध कराते हैं। प्री मैट्रिक छात्रावासों में छठवीं से लेकर 10वीं एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में 11वीं से लेकर कॉलेज के छात्र-छात्राओं को निवास की सुविधा दी जाती है।
समस्याओं का करना पड़ता है सामना
जिला मुख्यालय में कई वर्षों से 50 सीटर प्री मैट्रिक बालिका छात्रावास किराए के मकान में चल रहा है। छोटे भवन में छात्रावास संचालित होने सुविधाओं की कमी है, जिसकी वजह से बीते वर्ष यहां सिर्फ 30 छात्राएं ही निवारसत थीं। ऐसी ही स्थिति साजा में भी है, जहां किराए के भवन में छात्रावास चल रहा है।
पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास नहीं
जिले के पांचों तहसील मुख्यालयों में एक भी पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास नहीं है। इस कारण गांवों से आने वाले छात्र-छात्राओं को किराए के मकान में रहना पड़ता है। इससे पालकों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। 11वीं से लेकर महाविद्यालय स्तर की छात्राएं इससे प्रभावित हैं। साजा, नवागढ़, बेरला, परपोड़ी, थान खम्हरिया में पोस्ट मैट्रिक छात्राओं के लिए छात्रावास नहीं है।
50 सीटर में 77 छात्राएं
बताना होगा कि जिला मुख्यालय में संचालित बालिका छात्रावास में 77 छात्राएं हैं। पोस्ट बालक छात्रावास में भी निर्धारित से ज्यादा छात्र रहते हैं। नवागढ़ छात्रावास में 50 सीट में 70 छात्र रहते हैं। इसके अलावा कुरा, मारो, बेरला में भी क्षमता से ज्यादा छात्र रहते हैं।
चारभाठा में 500 सीटर छात्रावास का प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की पहल पर जिला मुख्यालय से लगे चारभाठा में 500 सीटर छात्रावास का प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत किया गया था, जिसे शासन से अभी तक अनुमति नहीं मिली है। अब तक केवल कागजों पर सिमटी प्रक्रिया के हकीकत में तब्दील होने से जिले के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
छात्रावासों के उन्नयन की जरूरत
डिप्टी कलक्टर व प्रभारी सहायक आयुक्त बीआर ध्रुव का कहना है कि बेमेतरा जिले की स्थिति को देखते हुए छात्रवासों का उन्नयन करने की अवश्यकता है। उन्नयन का प्रस्ताव कब भेजा गया था, इसे बारे में पता नहीं है। मैंने अभी-अभी प्रभार लिया है।
Published on:
02 Jul 2018 05:00 am
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