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बेमेतरा
आपने आज-तक नहीं देखा होगा नदी में कैसे बहती है धार, देखें लाइव वीडियो
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आपने आज-तक नहीं देखा होगा नदी में कैसे बहती है धार, देखें लाइव वीडियो

लोगों ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ कि दो दशकों में सूखाग्रस्त क्षेत्र में जून के महीने में पानी की धार देखने को मिली रही है।

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बेमेतरा. गर्मी में सूखी नदी और बरसात में लबालब छलकती नदी तो आपने देखें होंगे लेकिन सूखी नदी में पानी कैसे भरता है। इसे शायद नहीं देखें होंगे। हम आपको सूखी नदी में पानी भरते हुए लाइव वीडियो दिखा रहे। बेमेतरा जिला मुख्यालय से होकर बहने वाली हाफ नदी में शुक्रवार सुबह पानी भरने का क्रम शुरू हुआ। लोगों ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ कि दो दशकों में सूखाग्रस्त क्षेत्र में जून के महीने में पानी की धार देखने को मिली रही है। जल स्तर कैसे बढ़ता गया, आपभी देखें लाइव वीडियो।

हाफ नदी का उद्गम
हाफ नदी का उद्गम कवर्धा जिले के पंडरिया तहसील में सुदूर उत्तरोत्तर में स्थित मैकल पर्वत श्रेणी के कान्दावानी पहाड़ी से हुआ है। यह मध्यप्रदेश राज्य की सीमा से लगा हुआ है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा का निर्धारण मैकल पर्वत श्रेणी के टोपोलॉजी मैप के आधार पर हुआ है। मैकल पर्वत ही मध्य भारत की दो प्रसिद्ध प्रायद्वीपीय नदी नर्मदा तथा महानदी की अप्रवाह तंत्र का विभाजन करती है। मैकल के उत्तरी ढलान से नर्मदा प्रवाह तंत्र की बुढ़ानेर तथा दक्षिणी ढलान से महानदी अपवाह तंत्र की प्रमुख नदी शिवनाथ की सहायक हाफ नदी का उद्गम हुआ है।

बेमेतरा जिले में शिवनाथ, खारुन के बाद तीसरी प्रमुख नदी

हाफ नदी कवर्धा जिले की प्रमुख तथा बेमेतरा जिले में शिवनाथ, खारुन के बाद तीसरी प्रमुख नदी है। इसका प्रवाह उत्तर से दक्षिण फिर बेमेतरा जिले में पश्चिम से पूर्व हो जाती है। हाफ नदी नांदघाट के पूर्व तर्पोनगी के समीप शिवनाथ नदी में समाहित हो जाती है

नदी को पुनर्जीवित करने पेड़ लगाए

सदानीरा पुण्यसलिला अपने अंचल की जीवनदायनी नदी हाफ वनांचल क्षेत्रों हुई बारिश से अमृतरूपी जल को अपने आंचल में सहेज कर हम लोगों पर ममत्व निछावर कर रही। आओं हम भी अपने दायित्व को समझे, नदी को पुनर्जीवित करने के लिए पेड़ लगाए, वनों को कटने से बचाए, अपशिष्ट पदार्थों को नदी में ना बहाए पानी को व्यर्थ ना बहने दे, पानी की एक एक बूंद कीमती है, इसे समझे और अपने दैनिक जीवन में लागू करें। जल के महत्व को अपने परिवेश समाज समझाए-क्योंकि जल है तो कल है।