
आज से तीन दिन रहेगी आफत, सडक़ों से गायब हुई 400 बसें
बैतूल। आने वाले तीन दिन यात्रा के लिहाज से लोगों के लिए बेहद मुसीबत भरे साबित हो सकते हैं, क्योंकि चुनाव ड्यूटी के लिए ४०० बसों का अधिग्रहण हो जाने से बस स्टैंड पर वाहनों का टोटा पड़ गया है। यह स्थिति अकेले बैतूल जिले में नहीं बल्कि पड़ोसी जिलों में भी निर्मित होगी। ऐसे में सडक़ों पर से बसों का आवागमन पूरी तरह से ठप होने की संभावना है। खासकर अपडाउन करने वाले यात्रियों के सामने तीन दिन सफर को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी आएगी
साढ़े नौ सौ वाहन चुनाव ड्यूटी में
जिला प्रशासन द्वारा चुनाव ड्यूटी के लिए जिले से 950 वाहनों का अधिग्रहण किया गया है। जिसमें यात्री बसों की संख्या 400 बताई जाती है। इसके अलावा 450 छोटी जीपे एवं मैक्सी कैब वाहन भी अधिग्रहित किए गए हैं। निर्वाचन सामग्री को पहुंचाए जाने के लिए 100 ट्रकों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन द्वारा वाहनों की अधिग्रहण प्रक्रिया एक महीने पहले ही शुरू कर दी गई थी। अधिग्रहण किए गए समस्त वाहनों पर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है
जिले भर से ही वाहन अधिग्रहण
प्रदेश में विधानसभा चुनाव 28 नवंबर को एक ही दिन एक ही साथ समस्त जिलों में होने जा रहे हैं इसलिए वाहनों का जो अधिग्रहण प्रशासन द्वारा किया गया है वह केवल जिले में संचालित वाहनों का ही है। चुनाव पार्टियों एवं पुलिस फोर्स को लाने ले जाने के काम में इन वाहनों का उपयोग किया जाना है। वाहनों के अधिग्रहण की जो स्थिति है उसमें जिले के अधिकांश रूटों पर चलने वाली बसों के पहिये थम जाएंगे।
अपडाउनरों की बड़ेगी मुसीबत
चुनाव कार्य के लिए वाहनों का जो अधिग्रहण किया गया है वह लगभग तीन दिन का बताया जा रहा है, क्योंकि चुनाव के एक दिन पहले वाहन इस कार्य में लग जाएंगे। दूसरे दिन चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी और तीसरे दिन वापसी। इस प्रकार चौथे दिन ही वाहन सडक़ पर आ सकेंगे। इसके बाद ही यात्रियों को सफर के लिए वाहन नसीब हो सकेंगे। इसलिए कहा जा रहा है कि तीन दिनों तक जिले में आवागमन व्यवस्था ठप हो सकती है
हर वाहन पर चस्पा निर्वाचन का पर्चा
सडक़ों पर दौड़ रहे यात्री वाहनों में जिस तरह से निर्वाचन का पर्चा विंड स्क्रीन पर चस्पा है उसे देखते हुए तो ऐसा लगता है कि बस स्टैंड ही खाली हो जाएगी। सोमवार से ही प्रशासन द्वारा यात्री बसों का अधिग्रहण शुरू कर दिया गया था। पुलिस लाइन कैम्पस में इन वाहनों को एकत्र किया जा रहा है। बसों के अलावा मिनी बस और जीपों को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिए जाने से रही सही उम्मीद पर पानी फिर गया है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को धक्का मुक्की और भीड़-भाड़ वाले सफर का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रेनों में बढ़ सकता है रस
चुनाव के चलते सडक़ों पर से यात्री वाहनों के गायब हो जाने की स्थिति में ट्रेनों में रस बढ़ सकता है, क्योंकि प्रदेश भर में चुनाव होने की स्थिति में बसें पूरी तरह से चुनाव कार्य में बुक हो जाएगी। ऐसे में यात्रियों के लिए रेलवे ही परिवहन का एक मात्र साधन होगा। इस स्थिति को देखते हुए रेलवे में यात्रियों की भीड़ बढऩे की संभावना जताई जा रही है
यात्रा में जाने से पहले यह रखे सावधानी
१. यात्रा में जाने से पहले बसों की मौजूदा स्थिति का पता कर लें।
२. लंबी दूरी की यात्रा करने से बचे।
३. अप-डाउनर बसों के भरोसे यात्रा करने से बचे।
४. जरूरी हो तो ही चुनाव के दिन यात्रा के लिए बाहर निकले।
५. यात्रा में बच्चों को साथ ले जा रहे हैं तो संभलकर व्यवस्था के साथ जाए।
६. ट्रेनों में रिजर्वेशन कंफर्म होने के बाद ही यात्रा करें।
Published on:
27 Nov 2018 12:00 pm
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