
Mini firefighters made from tankers
बैतूल। गर्मी के मौसम में जिले में आगजनी की घटनाएं तेजी से बढऩे लगी है। खासकर गेहूं के खेतों में आगजनी की अभी तक दर्जन भर से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। आगजनी की ऐसी घटनाओं पर त्वरित रोकथाम के लिए जिले में मिनी फायर फाइटर बनाए जाने का नवाचार किया गया है। जिले की 42 बड़ी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध पानी के टैंकरों में डीजल पंप एवं पाइप लगाकर मिनी फायर फाइटर तैयार किए गए हैं। ये मिनी फायर फाइटर अपने आसपास के क्षेत्रों में होने वाली आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने में काफी कारगर साबित होंगे। जिले में यह पहल विगत वर्ष प्रारंभ की गई थी, जिसके तहत पिछले वर्ष 33 मिनी फायर फाइटर तैयार किए गए थे, इस वर्ष 9 और अतिरिक्त फायर फाइटर बढ़ाए गए हैं, जिसके चलते जिले की ग्राम पंचायतों में अब 42 मिनी फायर फाइटर उपलब्ध हैं। इन फायर फाइटरों की लागत २५ से ३० हजार के लगभग आ रहीह ै।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमएल त्यागी ने बताया कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटना होने की स्थिति में जिला मुख्यालय अथवा किसी नगर पालिका से फायर बिग्रेड की गाड़ी पहुंचना तत्काल संभव नहीं होता। अनेकों बार फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचते-पहुंचते आगजनी की घटना बड़ा रूप ले लेती है। फलस्वरूप नुकसान भी बहुत ज्यादा होता है। इस बात के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के सहयोग से उनके ही क्षेत्र में मिनी फायर फाइटर तैयार करने की योजना बनाई। इन मिनी फायर फाइटर्स को तैयार करने में बहुत ज्यादा खर्च भी नहीं आता। ग्राम पंचायतों की स्त्रोतों से उपलब्ध राशि से लगभग 25 से 30 हजार रुपए की लागत से डीजल पंप एवं पाइप लगाकर यह मिनी फायर फाइटर तैयार किए गए हैं, जो उनके क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं को रोकने में काफी मददगार साबित होते हैं। विगत वर्ष इन मिनी फायर फाइटर्स के माध्यम से अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं पर शीघ्रता से काबू पाया जा सका था।
Published on:
30 Apr 2020 05:03 am
बड़ी खबरें
View Allबेतुल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
