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बादलडोह डैम में डूबा तीन गांव का रास्ता

परिजन जान का जोखिम उठाकर स्कूल भेजने बच्चों को ट्यूब में बैठाकर पार कराते हंै नदी

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Sanket Shrivastava

Jul 21, 2016

river

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मुलताई।
अनुविभाग अंतर्गत ग्राम रिधोरा से मोरंडढाना कप्पी तरोड़ा मार्ग बादलडोह डैम के पानी में डूब जाने से बंद हो गया है। जिससे इन ग्रामों से रिधोरा स्कूल जाने वाले बच्चों को ट्यूब पर बैठाकर नदी पार कर भिजवाया जाता है। वहीं रिधोरा के किसानों की कप्पीढाना एवं मोरंडढाना में लगभग 3 सौ एकड़ खेती है। मार्ग के डूब जाने के कारण किसानों को अपने खेतों में पहुंचना मुश्किल हो गया है।

जिससे किसान छिन्दी तरोड़ा होते हुए खेत में 15 किमी का फेरा लगाकर पहुंचते है। ग्राम रिधोरा निवासी जगदीश परिहार हेमराज हिंगवें, दीनू परिहार, कल्लु हिंगवे सहित ग्रामीणों ने बताया कि रिधोरा से मोरंडढाना, कप्पी तरोड़ा मार्ग, खरपड़ा नदी पर बनाए गए बादल डोह डैम में डूब गया है। इस डैम से उक्त तीनों ग्रामो की सीमा लगी हुई है।

जिसके कारण किसान खेत मार्ग के उस पार नहीं जा पा रहे है। किसान लगभग 3 सौ एकड़ जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे है, जबकि किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन कृषि है। जबकि इस मार्ग से कप्पीढाना, मोरंडढाना के बच्चे रिधोरा हाईस्कूल में पढ़ाई करने आते है। लेकिन उक्त मार्ग बादलडोह जलाशय के पानी में डूब जाने से बच्चे स्कूल नहीं आ पा रहे है। बच्चो को स्कूल भेजने के लिए परिजन उन्हें जान जोखिम में डालकर ट्यूब पर बैठाकर नदी पार कराते है।

ऐसी स्थिति में रिधोरा, कप्पीढाना, मोरंडढाना के किसानो के सामने भयावह स्थिति उत्पन्न होकर उनकी जीविका संकट में नजर आ रही है। किसानों ने उक्त रास्ते पर शीघ्र पुलिया का निर्माण किए जाने की मांग की है।

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