जिससे किसान छिन्दी तरोड़ा होते हुए खेत में 15 किमी का फेरा लगाकर पहुंचते है। ग्राम रिधोरा निवासी जगदीश परिहार हेमराज हिंगवें, दीनू परिहार, कल्लु हिंगवे सहित ग्रामीणों ने बताया कि रिधोरा से मोरंडढाना, कप्पी तरोड़ा मार्ग, खरपड़ा नदी पर बनाए गए बादल डोह डैम में डूब गया है। इस डैम से उक्त तीनों ग्रामो की सीमा लगी हुई है।