
बैतूल। शनिवार सुबह बैतूल शहर घने कोहरे के आगोश में लिपटा नजर आया। इस सीजन में दूसरी बार शहर में इतना घना कोहरा देखने को मिला, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। तडक़े से ही कोहरे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि विजिबिलिटी घटकर महज 50 से 60 मीटर तक सिमट गई। सामने की वस्तुएं स्पष्ट दिखाई नहीं देने से वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घने कोहरे के कारण शहर की सडक़ों, हाईवे और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर अत्यंत धीमी गति से वाहन चलाने के लिए मजबूर होना पड़ा। तेज रफ्तार से चलने वाले वाहन भी रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर हादसे की आशंका बनी रही, जिसके चलते चालक अतिरिक्त सतर्कता बरतते दिखाई दिए। सुबह के समय स्कूल, दफ्तर और अन्य जरूरी कामों से निकलने वाले लोगों को भी देरी का सामना करना पड़ा। कोहरे का असर केवल सडक़ यातायात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रेल यातायात भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चलीं। भोपाल से नागपुर की ओर जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस लगभग डेढ़ घंटे की देरी से बैतूल पहुंची। वहीं जीटी एक्सप्रेस करीब एक घंटे और पातालकोट एक्सप्रेस भी लगभग डेढ़ घंटे विलंब से चली। तेज गति से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस भी कोहरे के प्रभाव से अछूती नहीं रही। यह ट्रेन शनिवार को बैतूल रेलवे स्टेशन पर करीब 25 मिनट की देरी से पहुंची। इसके अलावा नागपुर से भोपाल की ओर जाने वाली दक्षिण एक्सप्रेस भी लगभग एक घंटे देरी से संचालित हुई। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को ठंड में प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें खासी असुविधा झेलनी पड़ी। सुबह नौ बजे के बाद कोहरे का असर खत्म हुआ। धूप निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और सडक़ व रेल यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना बनी रह सकती है।
Published on:
03 Jan 2026 08:14 pm
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