
मप्र में पिछले कुछ दिनों से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालिन हड़ताल पर हैं। हर रोज नए नए तरीकों से सरकार का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट करने के तरीकों को बीच अब ये हड़ताल बड़ा रूप ले रही है।
इसी सब के बीच नए साल 2023 के पहले ही दिन ही बैतूल जिले से आए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ताप्ती तट पर संविदा नीति का तर्पण किया। वहीं इस समय एक संविदा कर्मचारी ने मुंडन भी करवाया। इस दौरान संविदा नीति से मुक्ति पाने के लिए एक ब्राह्मण बुलाकर तर्पण पूरे विधि विधान से कार्य संपन्न कराया गया और संविदा नीति को हमेशा के लिए संविदा कर्मचारियों द्वारा तर्पित कर दिया गया।
ज्ञात हो कि पिछले कुछ दिनों से नियमितिकरण और निष्कासित साथियों के वापसी की मांग को लेकर संविदा कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी इस हड़ताल के बीच नए साल 2023 के पहले ही दिन जिले भर के करीब एक सैकड़ा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बैतूल जिले की ताप्ती नदी के उद्गम स्थल मुलताई में पहुंचकर संविदा नीति से मुक्ति पाने के लिए मोक्ष दायनी मां ताप्ती के तट संविदा नीति का तर्पण संस्कार किया। इसके तहत एक संविदा कर्मी ने विधि विधान से अपना मुंडन करवाया और बाकी के सभी सविदा कर्मचारियों ने लोटे में ताप्ती का जल लेकर मंत्रोच्चार के साथ संविदा नीति का तर्पण किया।
इस अवसर पर तर्पण और अन्य संस्कारों के लिए संविदा कर्मचारियों की ओर से बाकायदा पंडित को बुलवाया गया और उन्हीं के मंत्रोचार के आधार पर सभी संस्कार पूर्ण किए गए। इस दौरान यहां मौजूद सभी संविदा कर्मचारियों ने मां ताप्ती से प्रार्थना करते हुए मोक्ष दायनी मां ताप्ती से जल्द ऐसी कृपा करने की विनती की जिससे प्रदेश सरकार के मुखिया सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की मांग पूरी करें। साथ ही उन्हें नियमित करने के अतिरिक्त निष्कासित साथियों को वापस कार्य पर ले लें।
सरकार का ध्यान आकृष्ट करने अलग अलग तरह से कर रहे प्रदर्शन-
इससे पहले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने नर्मदापुरम में शनिवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान इन्होंने पीपल चौक पर चाय बेची। यहां उनका कहना था कि इस चाय बेचने का मुख्य उद्देश्य संविदा अधिकारियों / कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति के बारे में सरकार को बताना है कि यह अत्यंत खराब है और वे सब कम वेतन और खराब परिस्थितियों में कार्य करने को विवश है। वहीं अपनी मांग के संबंध में जानकारी देते हुए इनका कहना था कि संविदा कर्मचारियों/ अधिकारियों का नियमितिकरण किए जाय साथ ही निष्कासित और आउट सोर्स कर्मचारियों की सेवा में वापसी की जाए।
जबकि हरदा के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने गुरुवार 29 दिसंबर 2022 को नए तरह से विरोध करते हुए ठेले पर सब्जी बेचकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। जबकि इसी दिन रतलाम में मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा अधिकारियों कर्मचारियों ने प्रशासन और शासन को पकोड़े तल अवगत कराया था कि हमारी इतनी कम तनख्वाह है कि हमें पकोड़े तलकर बेचने वालों की गिनती में सरकार ले आई।
Published on:
01 Jan 2023 07:42 pm
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