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कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

- मांगों का निराकरण नहीं होने के चलते तीन दिनों तक विरोध जताएंगे विभागों के कर्मचारी।

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कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

हरदा. डीईओ कार्यालय परिसर में काली पट्टी बांधकर विरोध जताते कर्मचारी।

हरदा. अपनी 17 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ, लघुवेतन कर्मचारी संघ एवं वाहन चालक संघ ने बुधवार को जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय परिसर में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लिपिक संघ के अध्यक्ष संतोष शुक्ला ने बताया कि हमारी वर्षों पुरानी लंबित मांगों का निराकरण करने के लिए कई बार ज्ञापन और आंदोलन के माध्यम से सरकार को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक उनकी न्यायोचित मांगों को हल नहीं किया गया। इसके लिए आंदोलन का यह तीसरा चरण शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि वे 24, 25 और 26 मई को काली पट्टी बांधकर काम करेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध जताएंगे। कर्मचारियों में वर्तमान सरकार के प्रति असंतोष पनप रहा है। इसी कारण प्रदेश के हजारों लिपिक एवं अन्य कर्मचारी आंदोलन की राह पर हैं। आंदोलन में जिले के राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग, फॉरेस्ट विभाग, पीडब्लूडी, स्वास्थ विभाग सहित लगभग 35 से अधिक विभागों के कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांगें
शुक्ला ने बताया कि सरकार के सामने रखी मांगों में मुख्य मांगे मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान देने, सीपी सीटी की अनिवार्यता खतम की जाए, एनपीएस को बंद कर पुरानी पेंशन लागू की जाए, भृत्य का नाम परिवर्तन कर कार्यालय सहायक करें, वाहन चालकों के पद फिर पुनर्जीवित कर रिक्त पदों पर भर्ती की जाए, नाम परिवर्तित कर व्हीकल आपरेटर किया जाए। वर्ष 2016 से कर्मचारियों की रुकी हुई पदोन्नती दी जाए शामिल है।