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अगर ट्रेन संरक्षा को लेकर कोई आशंका है तो अधिकारी, कर्मचारी तुरंत बताएं

- डीआरएम ने किया रेलवे स्टेशन का निरीक्षण और रेल कर्मचारियों से संवाद

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अगर ट्रेन संरक्षा को लेकर कोई आशंका है तो अधिकारी, कर्मचारी तुरंत बताएं

हरदा. स्थानीय रेलवे सिग्नल कार्यालय में कर्मचारियों से चर्चा करते भोपाल मंडल रेल प्रबंधक।

हरदा. कोई भी अधिकारी, कर्मचारी जल्दीबाजी या शार्टकट में काम नहीं करें, ताकि रेलवे की सुरक्षा में किसी प्रकार की कोई चूक हो। हम जो ब्लाक लेकर मेंटनेंस का काम कर रहे हैं वह सुचारू रूप से हो, इसका सभी कर्मचारी ध्यान रखें। अगर कोई कर्मचारी, अधिकारी, सेक्शन इंजीनियर को नजर आता है कि ब्लाक करते समय कोई काम छूट गया है, जिससे रेलवे के परिचालन में दिक्कतें होंगी तो इसके लिए वे बिना डर, भय के समय से अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताएं, ताकि ट्रेन को रोका जा सके। संरक्षा सर्वोपरि है और सभी रेलकर्मी ध्यान रखें कि हमारी पहली जिम्मेदारी सुरक्षित एवं संरक्षित रेल परिचालन की है। कोई भी लापरवाही अथवा चूक ना हो, इसके लिए जरुरी है कि सभी रेलकर्मी शारीरिक और मानसिक रूप से हमेशा चुस्त, दुरुस्त एवं कार्य के प्रति सजग रहें। यह समझाइश गुरुवार को भोपाल मंडल रेल प्रबंधक सौरभ बंदोपाध्याय ने स्थानीय रेलवे सिग्नल कार्यालय में अधिकारियों, कर्मचारियों को दी।
बारिश में पुल-पुलियाओं पर दो कर्मचारी रखने की मांग
डीआरएम बंदोपाध्याय ने उपस्थित रेलवे टीआरडी, इलेक्ट्रिक, इंजीनियरिंग सहित अन्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों से कहा कि वे रेलवे संरक्षा को लेकर सुझाव दें, ताकि उसे बेहतर तरीके से किया जा सके। इस दौरान अधिकारियों ने ब्लाक का कम समय मिलने से होने वाली परेशानियों को बताया। वहीं कर्मचारियों ने कहा कि बारिश के दिनों में रेलवे की पुल-पुलियाओं पर एक कर्मचारी की ड्यिूटी लगती है। अगर इस दौरान उसे कुछ हो जाए तो उसकी जान बचाने को लेकर सूचना देने वाला कोई नहीं रहता है। इसलिए ऐसी जगहों पर दो कर्मचारियों की तैनाती होना चाहिए। जिस पर डीआरएम बंदोपाध्याय ने अधिकारियों को इस दिशा में ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी रेलवे की सुरक्षा के साथ-साथ स्वयं की सुरक्षा भी रखें। उन्होंने अधिकारियों से साथ ही कर्मचारियों को जैकेट, जूते, कैप आदि का वितरण भी करने के लिए कहा। कर्मचारियों से संवाद करने के बाद मंडल प्रबंधक बंदोपाध्याय ने डिप्टीएसएस ऑफिस का निरीक्षण कर अधिकारी से ट्रेन संचालन के बारे में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक के साथ वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी रवींद्र शर्मा, वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूर संचार इंजीनियर (टेली) राव अभिषेक सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (दक्षिण) अभिषेक मिश्रा, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी) दिलीप कुमार मीना सहित हरदा रेलवे सिग्लन विभाग के एसएसई प्रवीण मिश्रा सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नपाध्यक्ष ने की रेलवे अंडरब्रिज बनाने की मांग
नपाध्यक्ष भारती कमेडिय़ा ने भोपाल मंडल रेल प्रबंधक बंदोपाध्याय से मुलाकात कर शहर की ट्रैफिक समस्या को बताया। उन्होंने बताया कि नेशनल हाइवे पर स्थित रेलवे डबल फाटक लगातार बंद रहने से वाहनों का घंटों जाम लगता है, जिससे वाहन चालकों एवं आमजनों को आवागमन की परेशानियां होती हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए अंडरब्रिज रेलवे किमी 668/51 से 688/5 के बीच बनाया जा सकता है। जिसकी नेशनल हाइवे से दूरी 300 मीटर के करीब है। इस अंडर ब्रिज के निर्माण से शहर की ट्रैफिक समस्या हल हो सकती है। जिस पर डीआरएम ने यातायात समस्या का समाधान करने का अश्वासन दिया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि राजू कमेडिय़ा, उदयसिंह चौहान मौजूद रहे।
रेलवे फुटओवरब्रिज की लंबाई बढ़ाने की मांग
कांग्रेस नेत्री अवनि बंसल ने डीआरएम बंदोपाध्याय को ज्ञापन देकर बताया कि रेलवे प्रशासन प्लेटफार्म नंबर एक से दो, तीन को जोडऩे के लिए नया रेलवे फुटओवरब्रिज बनवा रहा है, लेकिन वार्ड 29 के फाइल वार्ड के नागरिकों के आवागमन के लिए कोई व्यवस्था नहीं कर रहा है। नागरिकों, महिलाओं एवं स्कूली बच्चों को रोजाना जान-जोखिम में डालकर रेलवे लाइन में से आना-जाना पड़ रहा है। नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एफओबी की लंबाई बढ़ाई जाए, ताकि कोई दुर्घटना ना हो सके। जिस मंडल प्रबंधक ने कहा कि एफओबी की डिजाइन नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। आगामी आठ महीने में यह काम पूरा होगा। नागरिकों को भी एफओबी से आवागमन की सुविधा मिलेगी।