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ये हैं असली नटवरलाल की कहानी, जो पहले कभी नहीं पढ़ी होगी

नौ लोगो से की दो करोड़ की ठगी, ऐसे पहले भी की ३८ लोगो से ठगी

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सारनी। आपने नटवरलाल के किस्से तो खूब सुने होगें, जिसके नाम से ही लोगो को उसके किस्से और ठगी याद आती है। जो चालाकी और ठगी की पहचान है। कल तक कहानियों में चर्चित नटवरलाल लोगो के साथ ठंगी करता था। लेकिन आज हम आपको फिल्मों के नही हकीकत के नटवरलाल से रूबरू कराने जा रहे है, जी हां...यह नबाव साहब है सारणी के चालाक और ठगी नटवरलाल। नाम है चंद्रकिशोर उर्फ चंदू देशमुख। जो नौ लोगों से बीमा पॉलिसी के नाम पर दो करोड़ रुपए ठग चुका है। उसे महाराष्ट्र से गिरफ्तार करके लाया गया है। ऐसा नहीं है कि इसने पहली बार लोगों के साथ ठगी की है बल्कि सात साल पहले ३८ लोगों से पांच करोड़ रुपए ठगने की बात भी सामने आई है। इस मामले में पड़ताल की जा रही है। दरअसल पॉलिसी के जरिए लोग जल्द राशि दोगुना होने के चक्कर में उसके झांसे में आ गए थे।

पुलिस के अनुसार आरोपी चंद्रकिशोर देशमुख यूनियन बैंक में बीमा एजेंट था। वह बैंक में लेनदेन करने आने वाले ग्राहकों पर नजर रखता था। फिर उन्हें पॉलिसी और एफडी के नाम पर लालच देकर गुमराह कर निवेश कराता था। कई वर्षों से यह कार्य कर रहा था। जब पॉलिसी पूरी होने के बाद ग्राहक चंदू की बातों से संतुष्ट नहीं हुए और बैंक जाकर पॉलिसी और एफडी की जानकारी ली तो ठगी का खुलासा हुआ। इस पर उन्होंने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। सारनी टीआई महेन्द्र सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीरता से लेकर आरोपी की तलाश में टीम गठित की और आरोपी को महाराष्ट्र से पकड़कर ले आए। इसके बाद ठगी का शिकार हुए लोगों का जमावड़ा थाने में लगना शुरू हो गया।

२०15 में कराई थी पॉलिसी -
शोभापुर कालोनी के ब्रजमोहन चौरे ने बताया कि वर्ष २०१५ में चंद्रकिशोर से स्टॉर यूनियन डाइची लाइफ इंस्योरेंस में ५ लाख की पॉलिसी कराई थी। जिसका लाभ मिलने पर अपनी मां कमल के नाम की २० लाख की पॉलिसी कराई। ५ लाख कैश दिए। फिर २ लाख, ३ लाख और ४ लाख २१ हजार रुपए चेक के द्वारा दिए गए। कुल २० लाख रुपए पॉलिसी के नाम पर चंदू द्वारा लिए गए। पॉलिसी के नाम पर सिर्फ फोटो कॉपी दी गई। जिसकी पड़ताल बैंक जाकर करने पर पता चला की आपकी पॉलिसी नहीं है। आपके साथ ठगी हुई है। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पॉलिसी और एफडी के नाम पर यह हुए ठगी के शिकार -
बुधवार को सुबह से ही ठगी के शिकार हुए नगर के लोग पुलिस थाना पहुंचकर अपनी पीड़ा व्यक्त करते नजर आए। जिनमें प्रभुलाल १८ लाख, मुकेश १० लाख, सिद्धू बरैया ७ लाख, कमल चौरे २० लाख, सुरेन्द्र चौधरी २० लाख, संदीप चौधरी ७५ लाख, मनोज १० लाख, प्रमोद कुशवाहा १० लाख, किशोर बरदे ३० लाख जैसे कई लोग शामिल है।

इनका कहना -
शिकायत मिलते ही आरोपी को अभिरक्षा में लिया है। मामले की जांच चल रही है। शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आरोपी को महाराष्ट्र से पकड़ा है। गुरुवार को चंद्रकिशोर को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
महेन्द्र सिंह चौहान, टीआई, सारनी

फिर लूटा मिनी इंडिया -
वर्ष २०११ से २०१३ के बीच डबल के लालच में मिनी इंडिया कहे जाने वाली औद्योगिक नगरी को बंगाली बंधुओं और उनके नामदार दलालों ने क्षेत्र की जनता को लूटा। अभी इस भीषण ठगी से जनता उभर भी नहीं पाई थी कि एक और धोखाधड़ी का मामला सामने आ गया। इस प्रकरण में ३८ लोगों को चंद्रकिशोर और उसके साथियों द्वारा अपना शिकार बनाने की बात सामने आ रही है। यह मामला ५ करोड़ से अधिक का बताया जा रहा है। जिसकी गहन जांच-पड़ताल में सारनी पुलिस जुटी है।